15 जून की रात हट जाएगा टाण्डा-कैथी गंगा पीपा पुल, अब नाव या लंबा सड़क मार्ग बनेगा सहारा
चंदौली : चहनियां क्षेत्र के टाण्डा और कैथी के बीच गंगा नदी पर बना पीपा पुल आगामी 15 जून की मध्यरात्रि से हटा दिया जाएगा। पुल हटने के बाद वाराणसी जाने वाले स्थानीय लोगों, व्यापारियों तथा प्रसिद्ध मार्कण्डेय महादेव मंदिर में दर्शन-पूजन के लिए आने वाले श्रद्धालुओं को काफी कठिनाइयों का सामना करना पड़ेगा। अब लोगों को या तो नाव के सहारे गंगा पार करनी होगी या फिर लंबा सड़क मार्ग अपनाना पड़ेगा।
गौरतलब है कि टाण्डा और कैथी के बीच गंगा नदी पर इस पीपा पुल का निर्माण फरवरी 2021 में चन्दौली के पूर्व सांसद एवं पूर्व केंद्रीय मंत्री डॉ. महेंद्र नाथ पाण्डेय के प्रयासों से स्थानीय व्यापारियों और क्षेत्रीय श्रद्धालुओं की मांग पर कराया गया था। इस पुल के माध्यम से लोगों को नि:शुल्क आवागमन की सुविधा मिल रही थी, जिससे हजारों ग्रामीणों और श्रद्धालुओं को बड़ी राहत मिलती थी।
हर वर्ष गंगा में बाढ़ का पानी कम होने के बाद अक्टूबर-नवंबर माह में इस पीपा पुल का निर्माण कराया जाता है और मानसून के दौरान गंगा के बढ़ते जलस्तर को देखते हुए 15 जून को इसे हटाने की परंपरा है। इसी क्रम में इस वर्ष भी प्रशासन ने पुल हटाने की तैयारी पूरी कर ली है।
पीपा पुल हटने के बाद सबसे अधिक परेशानी स्थानीय व्यापारियों और बाबा मार्कण्डेय महादेव के दर्शन के लिए आने वाले श्रद्धालुओं को होगी। चार पहिया वाहनों से वाराणसी या मार्कण्डेय महादेव जाने वाले लोगों को अब चहनियां से चौबेपुर होकर लंबा चक्कर लगाना पड़ेगा, जबकि पैदल यात्रियों और दोपहिया सवारों के लिए नाव ही प्रमुख विकल्प बचेगा।
इस संबंध में घाट दरोगा दीना सिंह ने बताया कि टाण्डाकला-कैथी के बीच स्थापित पीपे के प्लाटून पुल को हटाने का आदेश प्राप्त हो चुका है। निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार 15 जून की मध्यरात्रि से पुल हटाने की कार्रवाई शुरू कर दी जाएगी, ताकि वर्षा ऋतु में गंगा के बढ़ते जलस्तर से किसी प्रकार की दुर्घटना की आशंका न रहे।
स्थानीय लोगों ने प्रशासन से मांग की है कि पुल हटने के बाद नावों की पर्याप्त व्यवस्था और सुरक्षा इंतजाम सुनिश्चित किए जाएं, जिससे श्रद्धालुओं और आम नागरिकों को आवागमन में किसी प्रकार की असुविधा का सामना न करना पड़े।


















