मां खण्डवारी महिला महाविद्यालय में विदाई समारोह सम्पन्न, एसडीएम ने छात्राओं को सफलता का दिया मंत्र

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मां खण्डवारी महिला महाविद्यालय में विदाई समारोह सम्पन्न, एसडीएम ने छात्राओं को सफलता का दिया मंत्र

चंदौली : चहनियां स्थित मां खण्डवारी महिला महाविद्यालय में बुधवार को बीए, बीएससी एवं बीकॉम छठे सेमेस्टर के छात्र-छात्राओं के सम्मान में भव्य विदाई समारोह का आयोजन किया गया। समारोह में शिक्षा, संस्कृति और प्रेरणा का अनूठा संगम देखने को मिला। कार्यक्रम के मुख्य अतिथि उपजिलाधिकारी कुंदन राज कपूर रहे, जिन्होंने मां सरस्वती के चित्र पर माल्यार्पण एवं दीप प्रज्ज्वलित कर कार्यक्रम का शुभारंभ किया।

संस्थापक प्रबंधक ने मुख्य अतिथि को किया सम्मानित

समारोह के दौरान महाविद्यालय के संस्थापक प्रबंधक डॉ. राजेन्द्र प्रताप सिंह ने मुख्य अतिथि का अंगवस्त्र एवं स्मृति चिन्ह भेंट कर सम्मान किया। इसके बाद छात्र-छात्राओं द्वारा रंगारंग सांस्कृतिक कार्यक्रम प्रस्तुत किए गए, जिन्होंने उपस्थित लोगों का मन मोह लिया।

छात्र-छात्राओं की सांस्कृतिक प्रस्तुतियों ने बांधा समां

कार्यक्रम में खुशबाला विश्वकर्मा, रूपल, गुलशन, श्रेया, सृष्टि, अपेक्षा, आकांक्षा, अभिषेक, अल्का, रक्षा, शुभम, रोहित एवं ऋषिकेश सहित अन्य विद्यार्थियों ने सरस्वती वंदना, स्वागत गीत, नृत्य एवं सांस्कृतिक प्रस्तुतियों के माध्यम से अपनी प्रतिभा का शानदार प्रदर्शन किया। विद्यार्थियों की प्रस्तुतियों पर सभागार तालियों की गड़गड़ाहट से गूंज उठा।

सफलता का कोई शॉर्टकट नहीं, मेहनत ही मंजिल तक पहुंचाती है – एसडीएम

अपने प्रेरणादायी संबोधन में उपजिलाधिकारी कुंदन राज कपूर ने कहा कि विद्यार्थियों के जीवन में पढ़ाई का समय सबसे महत्वपूर्ण होता है। उन्होंने कहा कि कॉलेज के ये तीन से चार वर्ष भविष्य निर्माण की नींव होते हैं। यदि इस दौरान विद्यार्थी पूरी लगन और मेहनत से अपने लक्ष्य की ओर बढ़ते हैं, तो सफलता निश्चित रूप से उनके कदम चूमती है।

उन्होंने कहा कि हर छात्र और छात्रा को अपने मन में यह विश्वास पैदा करना चाहिए कि वह कुछ बड़ा कर सकता है। आत्मविश्वास, अनुशासन और निरंतर परिश्रम ही सफलता की कुंजी हैं। उन्होंने विद्यार्थियों से आह्वान किया कि वे अपने सपनों को साकार करने के लिए कठिन परिश्रम करें और समाज तथा देश के विकास में अपनी महत्वपूर्ण भूमिका निभाएं।

डिग्री के साथ बेहतर व्यक्तित्व गढ़ना भी शिक्षा का उद्देश्य – डॉ. राजेन्द्र प्रताप सिंह

कार्यक्रम को संबोधित करते हुए संस्थापक प्रबंधक डॉ. राजेन्द्र प्रताप सिंह ने कहा कि महाविद्यालय केवल डिग्री प्रदान करने का केंद्र नहीं बल्कि व्यक्तित्व निर्माण का भी माध्यम है। उन्होंने विद्यार्थियों के उज्ज्वल भविष्य की कामना करते हुए कहा कि महाविद्यालय परिवार को अपने छात्रों की उपलब्धियों पर हमेशा गर्व रहेगा।

ये रहे मौजूद

इस अवसर पर प्रबंध निदेशक डॉ. आशुतोष सिंह कैलाशी, निदेशक अवनीश सिंह, डॉ. हेमंत चौरसिया, डॉ. अश्विनी श्रीवास्तव, डॉ. नवनीत तिवारी, अवधेश मिश्रा, डॉ. राधाकांत पाठक, डॉ. अजय सिंह, डॉ. मंजुली सिंह, डॉ. नीतू सिंह, डॉ. लक्ष्मी सिंह, डॉ. बिनोद श्रीवास्तव एवं संतोष सिंह सहित महाविद्यालय के शिक्षक, कर्मचारी और बड़ी संख्या में छात्र-छात्राएं उपस्थित रहे।

कार्यक्रम की अध्यक्षता संस्थापक प्रबंधक डॉ. राजेन्द्र प्रताप सिंह ने की, जबकि संचालन आर्यन ने किया। अंत में विद्यार्थियों को उनके उज्ज्वल भविष्य की शुभकामनाओं के साथ भावभीनी विदाई दी गई।