13 वर्षों से फरार चल रहा 50 हजार रुपये का इनामी आरोपी गिरफ्तार, पॉक्सो एक्ट व छेड़खानी के मामले में मुगलसराय पुलिस को मिली बड़ी सफलता

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13 वर्षों से फरार चल रहा 50 हजार रुपये का इनामी आरोपी गिरफ्तार, पॉक्सो एक्ट व छेड़खानी के मामले में मुगलसराय पुलिस को मिली बड़ी सफलता

चंदौली : अपराधियों के खिलाफ चलाए जा रहे विशेष अभियान के तहत मुगलसराय पुलिस ने एक बड़ी सफलता हासिल करते हुए 50 हजार रुपये के इनामी और लगभग 13 वर्षों से फरार चल रहे आरोपी को गिरफ्तार कर लिया है। आरोपी वर्ष 2013 में दर्ज छेड़खानी, धमकी और पॉक्सो एक्ट के मुकदमे में वांछित था तथा उसकी गिरफ्तारी के लिए पुलिस लंबे समय से प्रयासरत थी। लगातार 13 वर्षों तक फरार रहने वाले इनामी आरोपी की गिरफ्तारी को मुगलसराय पुलिस की महत्वपूर्ण उपलब्धि माना जा रहा है।

वर्ष 2013 में मुकदमा हुआ था दर्ज

पुलिस के अनुसार, वर्ष 2013 में गोबरिया प्लांट डिपो निवासी एक महिला ने अपनी नाबालिग पुत्री के साथ छेड़खानी, गाली-गलौज तथा जान से मारने की धमकी दिए जाने की शिकायत थाना मुगलसराय में दर्ज कराई थी। मामले में 17 नवंबर 2013 को आरोपी रंजन सिंह के खिलाफ भारतीय दंड संहिता की धारा 354(क), 504, 506 तथा पॉक्सो एक्ट की धारा 7/8 के तहत मुकदमा दर्ज किया गया था।

ठिकाना बदलकर छुप रहा था आरोपी

विवेचना के दौरान आरोपी के विरुद्ध पर्याप्त साक्ष्य मिलने पर आरोप सिद्ध पाए गए, लेकिन मुकदमा दर्ज होने के बाद वह फरार हो गया। पुलिस द्वारा लगातार दबिश दिए जाने के बावजूद आरोपी गिरफ्तारी से बचता रहा और अपना ठिकाना बदल-बदल कर विभिन्न स्थानों पर छिपकर रह रहा था। आरोपी की गिरफ्तारी न होने पर उसके विरुद्ध न्यायालय में मफरूरी में आरोप पत्र दाखिल किया गया। बाद में 11 जुलाई 2022 को चंदौली न्यायालय ने उसके खिलाफ स्थायी वारंट जारी किया।

एसपी ने 50 हजार का इनाम किया था घोषित

पुलिस अधीक्षक चंदौली ने पहले आरोपी पर 25 हजार रुपये का इनाम घोषित किया था, जिसे बाद में पुलिस उपमहानिरीक्षक वाराणसी परिक्षेत्र द्वारा बढ़ाकर 50 हजार रुपये कर दिया गया। इसके बावजूद आरोपी लगातार पुलिस से बचता रहा।

मुखबिर की सूचना पर हुई गिरफ्तारी

मुगलसराय पुलिस ने मुखबिर तंत्र को सक्रिय रखते हुए आरोपी की तलाश जारी रखी। इसी क्रम में 20 जून 2026 को पुलिस को सूचना मिली कि इनामी आरोपी रंजन सिंह गोबरिया प्लांट डिपो क्षेत्र में आने वाला है। सूचना मिलते ही पुलिस टीम ने घेराबंदी कर वीआईपी गेट के पास से रात 10:50 बजे उसे गिरफ्तार कर लिया।

हिमाचल प्रदेश में रहकर करता था मजदूरी

पूछताछ में आरोपी ने बताया कि मुकदमा दर्ज होने के बाद वह गिरफ्तारी के भय से घर छोड़कर भाग गया था और पिछले लगभग 13 वर्षों से हिमाचल प्रदेश में रहकर मजदूरी एवं अन्य कार्य कर जीवनयापन कर रहा था। उसे लगा कि मामला काफी पुराना हो चुका है, इसलिए वह वापस घर लौट आया, लेकिन पुलिस ने उसे दबोच लिया।

आरोपी बिहार का है निवासी

गिरफ्तार आरोपी रंजन सिंह पुत्र राजेश्वर सिंह मूल रूप से ग्राम गुमटी, थाना राजापाकड़, तहसील हाजीपुर, जिला वैशाली (बिहार) का निवासी है तथा वर्तमान में गोबरिया, थाना मुगलसराय, जनपद चंदौली में रह रहा था। पुलिस ने आरोपी के विरुद्ध आवश्यक कानूनी कार्रवाई पूरी कर उसे न्यायालय में पेश करने की प्रक्रिया शुरू कर दी है।

गिरफ्तारी करने वाली पुलिस टीम

गिरफ्तारी करने वाली पुलिस टीम में थानाध्यक्ष विजय प्रताप सिंह, चौकी प्रभारी रेलवे कॉलोनी उपनिरीक्षक शिव पूजन बिंद, हेड कांस्टेबल सुरेंद्र कुमार तथा कांस्टेबल अमित कुमार शामिल रहे।