ओलंपियन शिवपाल सिंह को गलत फंसाने के आरोप पुलिस ने बताए निराधार, चंदौली पुलिस बोली- निष्पक्ष विवेचना और पुख्ता साक्ष्यों के आधार पर हुई कार्रवाई

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ओलंपियन शिवपाल सिंह को गलत फंसाने के आरोप पुलिस ने बताए निराधार, चंदौली पुलिस बोली- निष्पक्ष विवेचना और पुख्ता साक्ष्यों के आधार पर हुई कार्रवाई

चंदौली : थाना बलुआ क्षेत्र में व्यापारी के साथ मारपीट, चेन छीनने और अवैध असलहे के प्रदर्शन के चर्चित मामले में चंदौली पुलिस ने बड़ा स्पष्टीकरण जारी करते हुए कहा है कि ओलंपियन शिवपाल सिंह के खिलाफ की गई कार्रवाई पूरी तरह उपलब्ध साक्ष्यों और विधिक प्रावधानों के अनुरूप है। पुलिस ने सोशल मीडिया और विभिन्न माध्यमों पर प्रसारित उन खबरों को भ्रामक बताया है, जिनमें शिवपाल सिंह को गलत तरीके से फंसाए जाने का दावा किया जा रहा था।

पुलिस के अनुसार, 21 जून 2026 को थाना बलुआ में व्यापारी के साथ मारपीट, चेन छीनने और अवैध असलहे के प्रदर्शन की घटना के संबंध में मुकदमा संख्या 173/2026 दर्ज किया गया था। विवेचना के दौरान उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर ओलंपियन शिवपाल सिंह, उनके भाई नन्दकिशोर सिंह तथा सुधांशु सिंह उर्फ छोटू को गिरफ्तार किया गया।

जांच में घटनास्थल के सीसीटीवी फुटेज में शिवपाल सिंह, उनके भाई नन्दकिशोर सिंह और अन्य लोगों को व्यापारी के साथ मारपीट करते हुए स्पष्ट रूप से देखा गया है। पुलिस का कहना है कि घटना के दौरान नन्दकिशोर सिंह के पास अवैध असलहा था, जिसे लहराकर क्षेत्र में भय का माहौल बनाया गया। बाद में पुलिस ने नन्दकिशोर सिंह के कब्जे से उक्त अवैध असलहा भी बरामद कर लिया।

पुलिस ने यह भी बताया कि विवेचना के दौरान एक अन्य घटना सामने आई है, जिसमें शिवपाल सिंह और उनके भाई एक साथ मौजूद थे। इस घटना में पिकअप चालक के साथ मारपीट तथा अवैध असलहे का प्रदर्शन किए जाने का सीसीटीवी फुटेज भी पुलिस को मिला है। हालांकि इस मामले में अभी तक कोई लिखित तहरीर नहीं मिली है, लेकिन उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर जांच और आवश्यक विधिक कार्रवाई की जा रही है।

पुलिस का कहना है कि दोनों घटनाओं से स्पष्ट होता है कि शिवपाल सिंह अपने भाई के साथ घटनास्थल पर मौजूद रहे और उनके भाई द्वारा अवैध असलहे के प्रदर्शन के दौरान उन्होंने कोई विरोध या पुलिस को सूचना नहीं दी। ऐसे में उपलब्ध साक्ष्य उनके घटनाक्रम में मौजूद होने और सहयोग की ओर संकेत करते हैं।

चंदौली पुलिस ने स्पष्ट किया है कि ओलंपियन शिवपाल सिंह को झूठा फंसाए जाने संबंधी आरोप पूरी तरह तथ्यहीन और भ्रामक हैं। पुलिस ने कहा कि पूरे प्रकरण की निष्पक्ष विवेचना की जा रही है तथा प्राप्त प्रत्येक साक्ष्य के आधार पर विधि सम्मत कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी।