गुरु अर्जुन देव के 420वें शहीदी दिवस पर श्रद्धा और सेवा का अनूठा संगम, श्रद्धालुओं में बांटा गया शर्बत व प्रसाद

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गुरु अर्जुन देव के 420वें शहीदी दिवस पर श्रद्धा और सेवा का अनूठा संगम, श्रद्धालुओं में बांटा गया शर्बत व प्रसाद

चंदौली : सिख धर्म के पांचवें गुरु श्री गुरु अर्जुन देव महाराज का 420वां शहीदी दिवस गुरुवार को चकिया स्थित गुरुद्वारे के समीप श्रद्धा, भक्ति और सेवा भाव के साथ मनाया गया। इस पावन अवसर पर श्रद्धालुओं ने गुरु जी के बलिदान को नमन करते हुए उनके बताए सत्य, मानवता और समरसता के मार्ग पर चलने का संकल्प लिया।

कार्यक्रम के दौरान श्रद्धालुओं के लिए शर्बत एवं मिठाई वितरण का आयोजन किया गया, जिसमें बड़ी संख्या में लोगों ने सहभागिता की। आयोजन स्थल पर सुबह से ही श्रद्धालुओं का तांता लगा रहा और पूरे वातावरण में धार्मिक आस्था, सेवा और भाईचारे की भावना देखने को मिली।

वक्ताओं ने कहा कि श्री गुरु अर्जुन देव जी का जीवन त्याग, सहनशीलता, मानव सेवा और धार्मिक स्वतंत्रता की रक्षा का अद्भुत उदाहरण है। उनका बलिदान आज भी समाज को सत्य, प्रेम और इंसानियत की राह पर चलने की प्रेरणा देता है। उन्होंने विपरीत परिस्थितियों में भी अपने सिद्धांतों से समझौता नहीं किया और मानवता के लिए सर्वोच्च बलिदान दिया।

इस अवसर पर उपस्थित श्रद्धालुओं ने गुरु जी की शिक्षाओं को अपने जीवन में अपनाने का संकल्प लिया तथा समाज में प्रेम, सद्भाव और सेवा की भावना को आगे बढ़ाने का संदेश दिया।

कार्यक्रम को सफल बनाने में करन सिंह सबरवाल, सरदार दीपक सिंह, सरदार गौतम सिंह, सूरज सिंह, रमेश सिंह, हर्ष सिंह, गौरव सिंह सहित वाराणसी कमेटी के सदस्यों का महत्वपूर्ण योगदान रहा। सभी ने मिलकर श्रद्धालुओं की सेवा करते हुए कार्यक्रम को गरिमामय और सफल बनाया।