सहारनपुर से सोनभद्र तक रथयात्रा निकालेगी निषाद पार्टी, पार्टी को मजबूत करने में जुटे डॉ संजय निषाद, संभल हिंसा को लेकर क्या कहा, पढ़े खबर..
लखनऊ : निषाद पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष व उत्तर प्रदेश सरकार में कैबिनेट मंत्री संजय निषाद अपनी पार्टी को मजबूत करने में जुट गए है. बुधवार को जनपद मेरठ में एक दिवसीय दौरे के दौरान जिला पंचायत सभागार कक्ष में प्रेसवार्ता के दौरान बताया कि आगामी 30 नवम्बर से सहारनपुर से सोनभद्र तक संवैधानिक अधिकार न्याय रथ यात्रा निकलने जा रही है. इस यात्रा को निषाद, कश्यप, बाथम, तुरैहा, केवट, मल्लाह, बिंद, कहार, धीवर, रायकवार समेत अन्य शोषित वंचित जातियों के ग्राम समाज से होते हुए निकलेगी.
उन्होंने प्रेसवार्ता को संबोधित करते हुए कहा कि निर्बल इंडियन शोषित हमारा आम दल “निषाद पार्टी” का राष्ट्रीय अधिवेशन दिल्ली स्थित इंदिरा गांधी इंडोर स्टेडियम में बुलाया गया था. किंतु दिल्ली सरकार के उच्च अधिकारियों ने बताया कि मा० उच्चतम न्यायालय के दिशा निर्देशानुसार राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र में बढ़ते प्रदूषण और एक्यूआई के सबसे खराब स्तर पर पहुंचने के चलते दिल्ली में बाहरी राज्यों के साधन-संसाधन को प्रवेश नही दिया जा रहा है. ऐसी स्थिति में दिल्ली सरकार के वरिष्ठ अधिकारियों के अनुरोध पर राष्ट्रीय अधिवेशन को स्थगित कर आगामी 30 नवम्बर से सहारनपुर से सोनभद्र तक संवैधानिक अधिकार न्याय रथ यात्रा निकलने जा रही है.
राजनीतिक यात्रा के माध्यम से समाज को जोड़ा जाएगा
उन्होंने बताया कि इस यात्रा के माध्यम से निषाद पार्टी प्रदेश में मछुआ समाज समेत अन्य समाज की दशा और दिशा जानने का प्रयास करेगी. उन्होंने कहा कि लखनऊ में बैठकर हम कभी भी पहले से वंचित समाज की गति और प्रगति को जांच नही सकते है. कहा कि इससे पूर्व में मैंने मुख्यमंत्री जी के आदेशानुसार प्रदेश की योजनाओं को जमीनी स्तर पर लागू करने को लेकर प्रदेश के 50 जिलों का भ्रमण कर चुका हूं, किंतु आगामी राजनीतिक यात्रा के माध्यम से निषाद पार्टी, निषाद समाज समेत अन्य समाज को भी जोड़ने का कार्य किया जाएगा. साथ ही उनको भी केंद्र व राज्य सरकार द्वारा चलाई जा रही जनकल्याणकारी योजनाओं से जोड़ा जाएगा.
माहौल बिगाड़ने वाले उपद्रवियों से सख्ती से निपटेगा प्रशासन
प्रेसवार्ता के दौरान संभल हिंसा पर पूछे गए प्रश्न को लेकर कहा कि माननीय न्यायालय के आदेशानुसार पुलिस व प्रशासन मस्जिद के सर्वे के लिए गया हुआ था. किंतु समाजवादी पार्टी के लोगों को प्रदेश में सुख शांति पसंद नही है. जिसके चलते उन्होंने कोर्ट सर्वे पर सवाल उठाया और उनके सांसद व विधायक ने संभल की मासूम जनता को पुलिस प्रशासन के प्रति उकसाने का काम किया. जिसका परिणाम संभल हिंसा है. कहा कि संभल का माहौल बिगाड़ने वाले उपद्रवियों व पत्थरबाजों से प्रशासन सख्ती के साथ निपटेगा और कानून अपना काम करेगा.










