राष्ट्रीय एकता दिवस पर हरियाली का संदेश, सरदार पटेल की जयंती पर वृक्षारोपण कार्यक्रम
चंदौली : लौह पुरुष सरदार वल्लभभाई पटेल की 150वीं जयंती के अवसर पर शुक्रवार को राष्ट्रीय एकता दिवस के मौके पर चहनियां रेंज के चकेस्वरी माता मंदिर, लक्ष्मणगढ़ परिसर में एक भव्य सांकेतिक वृक्षारोपण कार्यक्रम का आयोजन किया गया। यह आयोजन प्रभागीय वनाधिकारी बी. शिव शंकर के कुशल मार्गदर्शन एवं पर्यावरण संरक्षण के संकल्प के तहत संपन्न हुआ। कार्यक्रम का शुभारंभ प्रधानपति सुनील सिंह एवं क्षेत्रीय वन अधिकारी राम सवारे यादव ने संयुक्त रूप से पौधारोपण कर किया। इस दौरान वातावरण “वृक्ष लगाओ – पर्यावरण बचाओ” के नारों से गूंज उठा। उपस्थित लोगों में उत्साह और एकता का अद्भुत समावेश देखने को मिला।
सरदार पटेल के आदर्श आज भी देते है प्रेरणा
क्षेत्रीय वन अधिकारी राम सवारे यादव ने अपने संबोधन में कहा कि “पेड़-पौधे हमारे जीवन के सच्चे साथी हैं। जलवायु परिवर्तन की चुनौती से निपटने का सबसे प्रभावी उपाय वृक्षारोपण ही है। यदि हर व्यक्ति एक पौधा लगाए और उसकी देखभाल करे, तो धरती का संतुलन सदैव बना रहेगा।” उन्होंने बताया कि सरदार पटेल के आदर्श आज भी प्रेरणा देते हैं। उन्होंने जिस तरह देश की विविधताओं को एकता के सूत्र में पिरोया, उसी तरह हमें पर्यावरण की रक्षा के लिए सामूहिक प्रयास करने होंगे।
ग्रामीण समाज पर्यावरण संरक्षण की रीढ़
प्रधानपति सुनील सिंह ने कहा कि ग्रामीण समाज पर्यावरण संरक्षण की रीढ़ है। यदि ग्राम स्तर पर लोग जागरूक होंगे तो जल, जंगल और जमीन की सेहत अपने आप सुधर जाएगी। उन्होंने युवाओं से अपील की कि वे “हर घर, एक पौधा” अभियान से जुड़कर समाज में हरियाली फैलाएं।
बृक्षारोपण कार्यक्रम में ये रहे मौजूद
कार्यक्रम में वन विभाग के कर्मियों जीतेन्द्र वनरक्षक, अभिषेक वनरक्षक, जगदीश, श्रीराम, कैलाश, महेन्द्र, राजकुमार, शकील, पिंटू ने सक्रिय भागीदारी निभाई। वहीं स्थानीय नागरिक जीतेन्द्र गुप्ता, देवेंद्र, चाहेतु और अन्य ग्रामीण भी उत्साहपूर्वक शामिल हुए। सभी ने वृक्षों की सुरक्षा व देखरेख का संकल्प लिया।
समाज मे हरियाली फैलाने की ली प्रतिज्ञा
कार्यक्रम के अंत में उपस्थित जनसमूह ने राष्ट्रीय एकता दिवस की शपथ ली, जिसमें उन्होंने देश की एकता, अखंडता और भाईचारे की रक्षा करने का प्रण किया। बच्चों और युवाओं में विशेष उत्साह देखने को मिला। उन्होंने पर्यावरण संरक्षण को सरदार पटेल के जीवन संदेश से जोड़ते हुए समाज में हरियाली फैलाने की प्रतिज्ञा ली।
विभिन्न प्रजातियों के लगाए गए पौधे
इस अवसर पर परिसर में विभिन्न प्रजातियों के पौधे पीपल, नीम, अमरूद, अमलतास, गुलमोहर और कचनार पौधे लगाए गए। सभी पौधों की नियमित देखरेख हेतु स्थानीय लोगों को जिम्मेदारी सौंपी गई। वही कार्यक्रम के समापन पर क्षेत्रीय वन अधिकारी ने कहा कि यह पहल केवल वृक्षारोपण तक सीमित नहीं है, बल्कि एक हरित और एकजुट भारत के निर्माण का प्रतीक है।
निष्कर्ष
राष्ट्रीय एकता दिवस के अवसर पर चहनियां रेंज में आयोजित यह वृक्षारोपण कार्यक्रम केवल एक औपचारिक आयोजन नहीं था, बल्कि एकता और पर्यावरण संरक्षण का जीवंत प्रतीक बन गया। लौह पुरुष सरदार पटेल के आदर्शों से प्रेरणा लेते हुए ग्रामीणों, जनप्रतिनिधियों और वन विभाग के अधिकारियों ने यह संदेश दिया कि जब समाज और शासन एक साथ आएं, तो हरियाली और एकता दोनों को मजबूती मिलती है। इस कार्यक्रम ने न केवल लोगों में पर्यावरण के प्रति जागरूकता बढ़ाई, बल्कि यह भी साबित किया कि हर व्यक्ति अगर एक पौधा लगाए और उसकी देखरेख करे, तो भविष्य की पीढ़ियों को स्वच्छ, सुरक्षित और हरित धरती मिल सकती है।


















