नये आपराधिक कानूनों पर चन्दौली पुलिस का जागरूकता अभियान, छात्रों को बताए गए नये कानूनों के प्रावधान
चन्दौली : पुलिस महानिदेशक उत्तर प्रदेश राजीव कृष्ण के निर्देशन में संचालित “नये आपराधिक कानूनों के प्रति जागरूकता अभियान 2.0” के तहत शनिवार को पुलिस लाइन चन्दौली में भव्य जनजागरूकता कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इस कार्यक्रम की अध्यक्षता पुलिस अधीक्षक चन्दौली आदित्य लाग्हें ने की। उनके साथ अपर पुलिस महानिदेशक वाराणसी जोन पीयूष मोर्डिया और पुलिस उपमहानिरीक्षक परिक्षेत्र वाराणसी वैभव कृष्ण के निकट पर्यवेक्षण एवं मार्गदर्शन में यह आयोजन सम्पन्न हुआ।
दण्ड से न्याय की ओर का दिया संदेश
कार्यक्रम में पॉलिटेक्निक कॉलेज तथा तपोवन विद्यालय के छात्र-छात्राओं एवं शिक्षकों ने बड़ी संख्या में भाग लिया। पुलिस अधीक्षक ने “दण्ड से न्याय की ओर” स्लोगन के साथ कार्यक्रम की शुरुआत करते हुए कहा कि नये आपराधिक कानून भारतीय न्याय संहिता, भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता तथा भारतीय साक्ष्य अधिनियम का उद्देश्य दण्ड नहीं बल्कि न्याय सुनिश्चित करना है। उन्होंने विद्यार्थियों को पावर पॉइंट प्रेजेंटेशन के माध्यम से इन कानूनों की प्रमुख विशेषताएँ समझाईं और बताया कि ये नये कानून नागरिकों के अधिकारों को सशक्त करने और न्याय प्रणाली को सरल, पारदर्शी व तकनीकी रूप से उन्नत बनाने की दिशा में ऐतिहासिक कदम हैं।
एसपी ने छात्रों को दी ऑनलाइन सुरक्षा की सीख
एसपी चन्दौली ने छात्रों को साइबर अपराधों से सतर्क रहने की सलाह दी। उन्होंने कहा कि किसी भी अनजान लिंक या अज्ञात नंबर से आए कॉल या संदेश पर अपने बैंक विवरण, ओटीपी या निजी जानकारी साझा न करें। KYC अपडेट, इनाम, नौकरी या लोन के नाम पर धोखाधड़ी से सावधान रहें। सोशल मीडिया पर फेक प्रोफाइल या आपत्तिजनक पोस्ट की तुरंत सूचना पुलिस या साइबर हेल्पलाइन 1930 पर दें। यदि कोई व्यक्ति साइबर अपराध का शिकार हो जाए तो cybercrime.gov.in पोर्टल पर तत्काल शिकायत दर्ज कर कार्यवाही कराएं।
बच्चों के सम्मान एवं सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता
कार्यक्रम के दौरान अपर पुलिस अधीक्षक (ऑपरेशन) दिगम्बर कुशवाहा ने नए कानूनों में महिला एवं बाल सुरक्षा से संबंधित प्रावधानों की विस्तार से जानकारी दी। उन्होंने कहा कि इन कानूनों में महिलाओं और बच्चों के सम्मान एवं सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता दी गई है।
अब थाने की सीमा नहीं बनेगी बाधा : सीओ
वहीं क्षेत्राधिकारी सकलडीहा स्नेहा तिवारी ने जीरो एफआईआर और ई-एफआईआर की प्रक्रिया के बारे में बताते हुए विद्यार्थियों को जागरूक किया कि अब किसी भी नागरिक को थाने की सीमा के झंझट में फंसने की आवश्यकता नहीं है किसी भी थाने में प्राथमिकी दर्ज की जा सकती है।
छात्र-छात्राओं को पम्पलेट किए गए वितरित
कार्यक्रम के दौरान अपर पुलिस अधीक्षक सदर अनन्त चन्द्रशेखर (IPS), पुलिस उपाधीक्षक अरुण कुमार सिंह, तथा अन्य अधिकारी-कर्मचारी उपस्थित रहे। मौके पर छात्र-छात्राओं को नए कानूनों से संबंधित पंपलेट वितरित किए गए और उन्हें समाज में विधिक चेतना फैलाने का संकल्प दिलाया गया।
इस जनजागरूकता कार्यक्रम के माध्यम से पुलिस विभाग ने यह संदेश दिया कि कानूनों के प्रति जानकारी ही न्याय की पहली सीढ़ी है, और जागरूक नागरिक ही सुरक्षित समाज की नींव हैं।


















