संस्कृति संवाद यात्रा के 30वें पड़ाव पर सनातन जागरण पर जोर

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संस्कृति संवाद यात्रा के 30वें पड़ाव पर सनातन जागरण पर जोर

चंदौली: सनातन संस्कृति के प्रचार-प्रसार और संरक्षण के लिए कार्यरत “धरोहर संरक्षण सेवा संगठन” द्वारा चलाई जा रही संस्कृति संवाद यात्रा के अंतर्गत 30वें पड़ाव की कार्यशाला चहनियां स्थित बृजनन्दनी कान्वेंट स्कूल में आयोजित की गई। इस कार्यक्रम में सनातन धर्म और भारतीय संस्कृति के विस्तार को लेकर विस्तार से चर्चा की गई।

कार्यशाला में मुख्य वक्ता संगठन के प्रमुख संयोजक कृष्णानंद पाण्डेय ने संवाद की आवश्यकता और महत्व पर विशेष जोर दिया। उन्होंने कहा कि संवाद की कमी से ही विवाद जन्म लेता है, और वर्तमान में सनातन समाज में संवादहीनता बढ़ रही है, जिसका लाभ विधर्मी शक्तियाँ उठा रही हैं। उन्होंने कहा कि धर्मांतरण सनातन समाज के लिए एक गंभीर चुनौती बन चुका है, और इसे केवल संवाद के माध्यम से ही रोका जा सकता है। यदि समय रहते इस पर ध्यान नहीं दिया गया, तो सनातन संस्कृति कमजोर होगी और इसका सीधा प्रभाव भारत की अखंडता पर पड़ेगा।

सनातन संस्कृति से ही संविधान और राष्ट्र मजबूत

कृष्णानंद पाण्डेय ने कहा कि सनातन संस्कृति की रक्षा ही भारत और भारतीय संविधान की रक्षा का आधार है। यदि सनातन कमजोर होगा तो देश भी कमजोर होगा। उन्होंने जोर देते हुए कहा कि हर सनातनी को सनातन विस्तार योद्धा बनना होगा ताकि वह अपने धर्म और संस्कृति की रक्षा के लिए कार्य कर सके।

जनसंख्या असंतुलन और पलायन बड़ी समस्या

कार्यक्रम में यह भी चर्चा हुई कि ग्रामीण क्षेत्रों, पहाड़ी इलाकों, जंगलों और सीमावर्ती क्षेत्रों में हिंदुओं का पलायन तेजी से हो रहा है, जिससे जनसंख्या असंतुलन बढ़ रहा है। विशेष रूप से मुस्लिम बहुल इलाकों के आसपास से हिंदू परिवारों का पलायन चिंता का विषय बनता जा रहा है। कृष्णानंद पाण्डेय ने कहा कि इस समस्या का समाधान सनातन शिक्षा पद्धति को अपनाने और व्यापक संवाद स्थापित करने से ही संभव है।

हनुमान चालीसा पाठ के साथ कार्यक्रम का समापन

बैठक के अंत में सामूहिक हनुमान चालीसा पाठ का आयोजन किया गया, जिसमें सभी उपस्थित सदस्यों ने भाग लिया और सनातन धर्म की रक्षा व विस्तार के संकल्प के साथ कार्यक्रम का समापन हुआ। यह कार्यशाला सनातन संस्कृति की रक्षा और उसके प्रचार-प्रसार की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम साबित हुई, जिससे लोगों में अपने धर्म और परंपराओं के प्रति जागरूकता बढ़ी।

कार्यक्रम में गणमान्य लोगों की उपस्थिति

इस कार्यशाला में कई प्रतिष्ठित व्यक्तियों ने भाग लिया, जिनमें प्रमुख रूप से बनवारी पाण्डेय, ओमप्रकाश पाण्डेय, डॉ. चंद्रदेव पटेल, ईश्वर पाण्डेय, प्रिंस त्रिपाठी, शैलेन्द्र पाण्डेय, अवनीश पाण्डेय, अनिमेष, राजेश तिवारी, लव यादव, रविकांत मौर्या, कुश यादव, रुद्र पाण्डेय, अंकित तिवारी शामिल थे। कार्यक्रम का आयोजन पवन पाण्डेय द्वारा किया गया, संचालन गौरव मिश्र ने किया और अध्यक्षता डॉ. अखिलेश अग्रहरी ने की।