पितृ विसर्जन पर उमड़ा जनसैलाब, बलुआ गंगा तट पर हजारों ने किया तर्पण

137

पितृ विसर्जन पर उमड़ा जनसैलाब, बलुआ गंगा तट पर हजारों ने किया तर्पण

चंदौली : पितृ विसर्जन के पावन अवसर पर रविवार को बलुआ स्थित पश्चिम वाहिनी गंगा तट पर आस्था और श्रद्धा का सैलाब उमड़ पड़ा। अलसुबह भोर से ही हजारों की संख्या में लोग अपने पूर्वजों की आत्मा की शांति और मोक्ष की कामना के लिए गंगा तट पर पहुँचने लगे। विधि-विधान और मंत्रोच्चार के बीच श्रद्धालुओं ने तर्पण, पिंडदान और स्नान कर अपने पूर्वजों को तृप्त किया।

पितृपक्ष के पंद्रह दिन तक घरों में श्रद्धालु विशेष नियम और परंपराओं का पालन करते हुए अपने पूर्वजों को स्मरण करते रहे। इसी कड़ी में रविवार को पितृ विसर्जन के दिन श्रद्धालु परिवार सहित बलुआ गंगा घाट पर पहुँचे और गंगा जल में स्नान कर ब्राह्मणों द्वारा कराए गए वैदिक अनुष्ठानों के साथ तर्पण किया। घाट पर मौजूद पंडितों ने मंत्रोच्चार के बीच श्रद्धालुओं से तिल, जल, कुश और मिष्ठान के साथ पिंडदान कराया।

श्रद्धालुओं ने घरों में बनाए विशेष भोजन को पितरों को अर्पित करने के लिए छतों पर निकालकर अर्पण किया। इसके साथ ही गाय, कुत्ते और चिड़ियों को भोजन कराकर परंपरा का निर्वहन किया।

गंगा तट और आस-पास के इलाकों में सुबह से ही जबरदस्त चहल-पहल रही। हजारों की भीड़ के चलते घाट से लेकर बाजार तक रौनक का माहौल रहा। श्रद्धालुओं ने पहले नाइयों से मुंडन कराया, फिर गंगा में स्नान करने के बाद तर्पण में हिस्सा लिया।

श्रद्धालुओं की भारी भीड़ को देखते हुए प्रशासन भी पूरी तरह सतर्क दिखा। बलुआ थाना प्रभारी अतुल कुमार प्रजापति के नेतृत्व में पुलिस बल की भारी तैनाती घाट पर की गई, ताकि श्रद्धालुओं को किसी भी प्रकार की असुविधा न हो। भीड़ को नियंत्रित करने और सुरक्षा व्यवस्था चाक-चौबंद बनाए रखने में पुलिसकर्मी दिनभर जुटे रहे।

पितृ विसर्जन के इस अवसर पर बलुआ गंगा घाट पर श्रद्धा, आस्था और परंपरा का अनूठा संगम देखने को मिला। हजारों लोगों ने आस्था की डुबकी लगाकर पूर्वजों का स्मरण किया और उनकी आत्मा की शांति के लिए प्रार्थना की।