मनरेगा में बदलाव पर कांग्रेस का हल्ला बोल, कहा – ग्रामीणों के काम के अधिकार पर हमला
चंदौली : मनरेगा में प्रस्तावित बदलावों को लेकर कांग्रेस ने केंद्र सरकार पर तीखा हमला बोला है। जिला कांग्रेस कार्यालय चंद्रा त्रिपाठी भवन में आयोजित पत्रकार वार्ता में जिला कांग्रेस अध्यक्ष अरुण द्विवेदी ने कहा कि मनरेगा में किया जा रहा संशोधन ग्रामीण गरीबों के काम के संवैधानिक अधिकार पर सीधा प्रहार है। उन्होंने आरोप लगाया कि मोदी सरकार इस योजना को योजनाबद्ध तरीके से कमजोर कर रही है।
मनरेगा अब अधिकार नहीं, सरकार की मर्जी से मिलने वाला अनुग्रह बनेगा : अरुण द्विवेदी
कांग्रेस जिलाध्यक्ष अरुण द्विवेदी ने कहा कि अब तक मनरेगा के तहत प्रत्येक ग्रामीण परिवार को काम की कानूनी गारंटी प्राप्त थी। किसी भी ग्राम पंचायत में काम मांगने पर 15 दिनों के भीतर रोजगार उपलब्ध कराना अनिवार्य था, लेकिन प्रस्तावित बदलावों के बाद यह अधिकार समाप्त हो जाएगा। उन्होंने कहा कि अब काम सरकार की मर्जी से दिया जाएगा, जिससे मनरेगा अधिकार नहीं बल्कि अनुग्रह बनकर रह जाएगा।
न्यूनतम मजदूरी और वर्ष भर रोजगार की गारंटी खत्म
उन्होंने बताया कि पहले मनरेगा में न्यूनतम मजदूरी तय थी, जिसमें हर वर्ष वृद्धि होती थी और आवश्यकता पड़ने पर सालभर काम उपलब्ध रहता था। नए बदलावों में मजदूरी को मनमाने ढंग से तय किए जाने का प्रावधान है। न तो न्यूनतम मजदूरी की गारंटी रहेगी और न ही वार्षिक बढ़ोतरी की। फसल कटाई के समय काम पर रोक से मजदूरों की सौदेबाजी की ताकत भी कमजोर होगी।
ग्राम पंचायतों से अधिकार छीनकर ठेकेदारों को सौंपने की साजिश
जिला अध्यक्ष ने आरोप लगाया कि मनरेगा के तहत ग्राम पंचायतों को प्राप्त अधिकार छीनकर ठेकेदारों को सौंपे जा रहे हैं। पहले विकास कार्यों की योजना ग्राम पंचायत व ग्राम सभा द्वारा बनाई जाती थी और ठेकेदारों पर रोक थी, लेकिन अब सभी निर्णय दिल्ली से लिए जाएंगे। इससे ग्राम पंचायतें केवल आदेश लागू करने वाली इकाइयों में सिमट जाएंगी।
राज्य सरकारों पर बढ़ेगा आर्थिक बोझ
उन्होंने यह भी कहा कि पहले मजदूरी का भुगतान केंद्र सरकार द्वारा किया जाता था, लेकिन अब राज्य सरकारों पर 40 प्रतिशत मजदूरी का भार डाला जा रहा है। इससे राज्य सरकारें काम देने से बच सकती हैं। कांग्रेस अध्यक्ष ने कहा कि पिछले 11 वर्षों में मनरेगा मजदूरी में नाममात्र की बढ़ोतरी हुई है और पिछले तीन वर्षों से बजट में कोई इजाफा नहीं किया गया है, जिससे सरकार की मंशा स्पष्ट होती है।
मनरेगा नियमों में किए गए बदलाव को वापस लेने की मांग
कांग्रेस ने मनरेगा में किए जा रहे बदलावों के खिलाफ आंदोलन जारी रखने की घोषणा की है। 12 जनवरी को पंडित कमलापति त्रिपाठी पार्क में एक दिवसीय उपवास रखा जाएगा।
पत्रकार वार्ता में शहर कांग्रेस अध्यक्ष बृजेश गुप्ता ने कहा कि मनरेगा में बदलाव से बेरोजगारी बढ़ेगी, मजदूरों का शोषण होगा और ग्रामीण क्षेत्रों से शहरों की ओर पलायन तेज होगा। उन्होंने सरकार से मनरेगा नियमों में किए गए बदलाव तत्काल वापस लेने, काम के अधिकार की पूर्ण बहाली करने और न्यूनतम मजदूरी ₹400 निर्धारित करने की मांग की।
ये रहे मौजूद
प्रेस वार्ता के दौरान प्रमुख रूप से गंगा प्रसाद, तौफीक खान, शिवेंद्र मिश्रा, राकेश सिंह, मनोज सिंह, पंकज तिवारी, पिंटू विश्वकर्मा, राम आधार यादव सहित कई कांग्रेस कार्यकर्ता मौजूद रहे।


















