परिवहन विभाग द्वारा चलाया गया डग्गामार वाहनों के खिलाफ अभियान, 15 से अधिक सवारी वाहनों पर की गई कार्रवाई
चंदौली : उन्नाव जिले में बस हादसे के बाद योगी सरकार ने डग्गामार वाहनों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई के आदेश जारी किया है. इस दौरान पूरे यूपी में बड़े पैमाने पर डग्गामार बसों के खिलाफ कार्रवाई की जा रही है. इसी क्रम में बिहार सीमा से सटे पूर्वी उत्तर प्रदेश के अंतिम जिले चंदौली में भी डग्गामार वाहनों के खिलाफ लगातार अभियान चलाया जा रहा है. एआरटीओ डॉ सर्वेश गौतम के नेतृत्व में दर्जनों डग्गामार सवारी वाहनों के खिलाफ कार्रवाई की गई. ये वाहन ऐसे थे जो दूसरे जनपदों के परमिट इशू करा कर चंदौली जनपद में यात्रियों का परिवहन कर रहे थे. वही इस कार्रवाई से डग्गामार वाहन संचालकों में हड़कंप मचा हुआ है.
एआरटीओ द्वारा चलाये जा रहे चेकिंग अभियान के दौरान 15 से अधिक वाहनों पर कार्रवाई करते हुए छह लाख से अधिक का जुर्माना वसूला गया है. कार्रवाई के दौरान दो ऐसे सवारी बस पकड़े गए है जिनका गैर जनपद का परमिट था लेकिन वह चंदौली जनपद में परिवहन कर रहे थे. जिसमें एक बस ऐसी मिली जो बलिया जिले के रसड़ा से परमिट प्राप्त करके सोनभद्र के ओबरा से चंदौली होते हुए वाराणसी के लिए चलाई जा रही थी. वही दूसरी बस जो बिहार से वाराणसी के लिए चलाई जा रही थी. जिसमें सीटों को काटकर स्लीपर सीट बनाया गया था.

इस संबंध में एआरटीओ प्रवर्तन प्रथम डॉ सर्वेश गौतम ने बताया कि शासन के निर्देश पर डग्गामार सवारी वाहनों के खिलाफ लगातार कार्रवाई की जा रही है. किसी भी सूरत में जनपद में डग्गामार सवारी वाहनों को संचालित नहीं होने दिया जाएगा. अगर परमिट शर्तों का उल्लंघन कर किसी अन्य जनपद से परमिट प्राप्त कर जनपद में वाहन का संचालन किया जाएगा तो उनके वाहनों को सीज करते हुए उन पर भारी जुर्माना लगाया जाएगा. वही एआरटीओ के इस कार्रवाई से डग्गामार वाहन संचालकों में हड़कंप मचा हुआ है.


















