चंदौली में आसमानी कहर, खेत में काम कर रही महिला की मौत, तीन गंभीर रूप से झुलसीं
चंदौली : मेहनतकश ज़िंदगी जी रहीं ग्रामीण महिलाओं पर एक बार फिर कुदरत का कहर टूट पड़ा। कंदवा थाना क्षेत्र के घोसवां गांव में शनिवार को धान की रोपाई के दौरान अचानक बिजली गिरने से एक महिला की दर्दनाक मौत हो गई, जबकि तीन अन्य महिलाएं गंभीर रूप से झुलस गईं। यह हादसा न केवल एक परिवार से मां का साया छीन ले गया, बल्कि तीन अन्य परिवारों को भी संकट में डाल गया।
पसीना बहाकर परिवार को पालने वाली मां की मौत
मृतका की पहचान सैयदराजा थाना क्षेत्र के सलेमपुर कला गांव निवासी 40 वर्षीय निराशा देवी पत्नी छोटू राय के रूप में हुई है। निराशा देवी पांच बच्चों की मां थीं। घर की आर्थिक ज़िम्मेदारी उन्हीं के कंधों पर थी। मेहनत-मजदूरी कर उन्होंने अपने बच्चों को पाल-पोस कर बड़ा किया था। उनकी एक बेटी की शादी हो चुकी है, जबकि बाकी बच्चे अभी छोटे हैं। खेतों में पसीना बहाकर परिवार को पालने वाली यह मां अब इस दुनिया में नहीं रही।
धान की रोपाई कर रही तीन महिलाएं झुलसी
इसी हादसे में 17 वर्षीय टोनी, 30 वर्षीय सोनी और 25 वर्षीय वंदना भी झुलस गईं। तीनों महिलाएं खेत में निराशा देवी के साथ धान की रोपाई कर रही थीं। आकाशीय बिजली गिरने के साथ ही चारों महिलाएं ज़मीन पर गिर पड़ीं। गांव वालों ने तत्काल उन्हें चंदौली के कमलापति त्रिपाठी जिला अस्पताल पहुंचाया, जहां तीनों की हालत बेहद गंभीर बनी हुई है। डॉक्टरों की निगरानी में उनका इलाज जारी है।
दिहाड़ी पर चल रहे जीवन पर गिर गई बिजली
सोनी दो छोटे बच्चों की मां हैं और उनके परिवार की रोज़ी-रोटी पूरी तरह दिहाड़ी मज़दूरी पर निर्भर है। इस हादसे ने उनके जीवन को पूरी तरह झकझोर कर रख दिया है। यह दुखद घटना सिर्फ एक प्राकृतिक आपदा नहीं, बल्कि ग्रामीण श्रमिक महिलाओं के संघर्ष, उनकी बेबसी और सुरक्षा की उपेक्षा की भी कहानी है। खेतों में मेहनत करने वाली इन महिलाओं की जान की कीमत आखिर कब समझी जाएगी?
पुलिस ने मौके पर पहुंचकर आवश्यक कार्रवाई शुरू कर दी है। वहीं, गांव में मातम पसरा हुआ है और पूरे क्षेत्र में शोक की लहर दौड़ गई है।


















