विंध्य एक्सप्रेसवे के लिए जमीन नहीं देंगे किसान, महापंचायत में संघर्ष का शंखनाद
चंदौली : किसान संघर्ष समिति ने रविवार को आयोजित किसान महापंचायत में विंध्य एक्सप्रेसवे के लिए अपनी जमीन न देने का ऐलान करते हुए आंदोलन का शंखनाद कर दिया। महापंचायत में किसानों ने स्पष्ट कहा कि वे किसी भी कीमत पर अपनी कृषि भूमि नहीं देंगे और इसके लिए संघर्ष को और तेज किया जाएगा।
बताया गया कि शनिवार को भारी पुलिस बल के साथ एसडीएम चंदौली ने बरहनी ब्लॉक के चिरई गांव पहुंचकर 87 वर्षीय किसान नेता सुमंत सिंह अन्ना के गांव की घेराबंदी की। हालांकि, सुमंत सिंह अन्ना उस समय मौके से हट गए थे, क्योंकि 17 मई को प्रस्तावित विशाल किसान सभा की तैयारी चल रही थी।
रविवार को आयोजित किसान महापंचायत में करीब 250 किसान और मजदूर शामिल हुए। इस दौरान किसान संघर्ष समिति के नेता शिव बच्चन सिंह ने किसान विकास मंच के जिलाध्यक्ष राधेश्याम पाण्डेय से फोन पर बातचीत करते हुए कहा कि किसानों को जमीन के बदले पैसा नहीं चाहिए।
उन्होंने कहा, “हम मुआवजा बढ़ाने की मांग नहीं कर रहे हैं। हमारा साफ कहना है कि हमें अपनी जमीन नहीं बेचनी है, तो फिर कीमत बढ़ाने या मुआवजे की बात ही क्यों हो।”
महापंचायत में वक्ताओं ने आरोप लगाया कि इंफ्रास्ट्रक्चर डेवलपमेंट के नाम पर किसानों की जमीन लेकर बड़े कॉरपोरेट घरानों को सौंपने की तैयारी की जा रही है। किसानों ने इसे अपनी आजीविका और अस्तित्व पर हमला बताया।
किसानों ने सरकार और जनप्रतिनिधियों पर दबाव बनाकर भूमि अधिग्रहण कराने का आरोप लगाते हुए कहा कि वे किसी भी कीमत पर अपनी जमीन नहीं छोड़ेंगे और इसके लिए लंबी लड़ाई लड़ने को तैयार हैं। किसान संघर्ष समिति ने इसे किसानों की एकजुटता और संघर्ष का बड़ा फैसला बताया।


















