बलुआ बाजार में मिले बच्चे की हुई पहचान, पुलिस की तत्परता से परिवार से मिला मासूम
चंदौली : बलुआ बाजार में भटकते हुए मिले एक मासूम बच्चे की पहचान हो गई है। बच्चे की पहचान थाना बलुआ क्षेत्र के सरौली गांव निवासी शैलेन्द्र यादव के पुत्र के रूप में हुई है। पुलिस की सक्रियता और सोशल मीडिया की मदद से यह मासूम सकुशल अपने परिजनों से मिल सका।
चहनियां से भटककर बलुआ बाजार पहुंचा मासूम
प्राप्त जानकारी के अनुसार, बच्चा अपने माता-पिता के साथ चहनियां आया हुआ था। इसी दौरान अचानक वह भटक गया और अनजाने में पैदल ही चहनियां से बलुआ बाजार तक पहुंच गया। उधर, बच्चे के अचानक लापता हो जाने से परिजन काफी परेशान हो उठे और उसे आसपास के क्षेत्रों में लगातार तलाशते रहे, लेकिन उसका कहीं पता नहीं चल सका।
सोशल मीडिया पर खबर प्रसारित होते ही परिजनों तक पहुंची जानकारी
इसी बीच बलुआ बाजार में अकेले घूमते बच्चे को स्थानीय लोगों ने देखा और मामले की सूचना थाना बलुआ पुलिस को दी। पुलिस ने तत्परता दिखाते हुए बच्चे को अपने संरक्षण में लिया और उसकी पहचान कराने के लिए सूचना को विभिन्न माध्यमों, खासकर सोशल मीडिया के जरिए प्रसारित कराया।
माता-पिता ने बच्चे को सकुशल पाया
सोशल मीडिया पर खबर प्रसारित होते ही बच्चे के माता-पिता तक यह सूचना पहुंची। जानकारी मिलते ही वे तत्काल थाना बलुआ पहुंचे, जहां उन्होंने अपने बच्चे को सकुशल पाकर राहत की सांस ली। पुलिस द्वारा आवश्यक पुष्टि के बाद बच्चे को उसके परिजनों के सुपुर्द कर दिया गया।
थानाध्यक्ष अरुण प्रताप सिंह की तत्परता से परिवार से मिला मासूम
इस पूरे मामले में थानाध्यक्ष अरुण प्रताप सिंह की संवेदनशीलता और सक्रिय भूमिका सराहनीय रही। उन्होंने बच्चे की सुरक्षा सुनिश्चित करते हुए उसे सुरक्षित परिवार से मिलाने में अहम योगदान दिया।
बच्चे को सुपुर्द करने पर भावुक हुए परिजन
बच्चे को सुरक्षित वापस पाकर माता-पिता भावुक हो उठे और बलुआ पुलिस का हृदय से आभार व्यक्त किया। स्थानीय लोगों ने भी पुलिस की तत्परता और मानवीय पहल की सराहना करते हुए इसे एक सराहनीय कार्य बताया।
पुलिस की सक्रियता और सोशल मीडिया के समन्वय से सुलझा मामला
यह घटना न सिर्फ पुलिस की जिम्मेदारी और सजगता को दर्शाती है, बल्कि यह भी बताती है कि समय पर सूचना और सोशल मीडिया के सही उपयोग से बड़ी से बड़ी समस्या का समाधान संभव है।


















