गंगा की लहरों में जल गई मछुआरे की रोज़ी-रोटी, अराजकतत्वों की आग में राख हुई सतेंद्र की नाव

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गंगा की लहरों में जल गई मछुआरे की रोज़ी-रोटी, अराजकतत्वों की आग में राख हुई सतेंद्र की नाव

चंदौली : बलुआ थाना क्षेत्र अंतर्गत बलुआ गांव में बीती रात अराजक तत्वों की करतूत से एक मछुआरे का जीवन संकट में पड़ गया। अज्ञात लोगों ने बलुआ निवासी सत्येंद्र निषाद की नौका में आग लगा दी, जिससे नौका में रखा हजारों रुपये मूल्य का महाजाल सहित पूरी नाव जलकर राख हो गई। यही नौका सत्येंद्र निषाद की रोज़ी-रोटी का एकमात्र सहारा थी।

साजिश का लगाया आरोप

पीड़ित सत्येंद्र निषाद ने बताया कि वह प्रतिदिन की तरह गंगा नदी में मछली पकड़कर शाम को अपनी नौका को गंगा किनारे सुरक्षित स्थान पर बांधकर घर चला गया था। देर रात अज्ञात लोगों ने साजिश के तहत नौका में आग लगा दी और जलती हुई नौका को बीच धार में बहा दिया। कुछ समय बाद जब घाट पर मौजूद लोगों की नजर जलती हुई नौका पर पड़ी, तो अफरा-तफरी मच गई।

निषाद समाज में आक्रोश

घटना की सूचना मिलते ही ग्रामीणों ने सत्येंद्र निषाद को जानकारी दी। इसके बाद निषाद समाज के लोग मौके पर पहुंचे और काफी मशक्कत के बाद जलती हुई नौका को किसी तरह किनारे लाया गया, लेकिन तब तक नौका और उसमें रखा महाजाल पूरी तरह जल चुका था। घटना की खबर फैलते ही घाट पर निषाद समाज की भारी भीड़ जमा हो गई और लोगों में गहरा आक्रोश देखा गया।

पुलिस मामले की जांच में जुटी

पीड़ित सत्येंद्र निषाद ने तत्काल 112 नंबर पर पुलिस को सूचना दी। सूचना मिलते ही बलुआ थाना पुलिस मौके पर पहुंची और घटना स्थल का निरीक्षण कर मामले की छानबीन में जुट गई। पुलिस आसपास के लोगों से पूछताछ कर रही है और अज्ञात आरोपियों की तलाश शुरू कर दी गई है।

परिवार पर टूटा दुखों का पहाड़

घटना से आहत सत्येंद्र निषाद ने कहा कि नौका जल जाने से उनका पूरा परिवार भुखमरी के कगार पर आ गया है। उन्होंने पुलिस प्रशासन से न्याय की गुहार लगाते हुए दोषियों को शीघ्र गिरफ्तार करने और हुए नुकसान की भरपाई कराने की मांग की है। वहीं, ग्रामीणों ने भी इस घटना को गंभीर बताते हुए प्रशासन से सख्त कार्रवाई की मांग की है। फिलहाल पुलिस मामले की जांच कर रही है और जल्द ही घटना का खुलासा करने का दावा कर रही है।

निष्कर्ष

गंगा किनारे हुई यह घटना केवल एक नाव जलने की नहीं, बल्कि एक गरीब मछुआरे की मेहनत, सपनों और परिवार की रोज़ी-रोटी पर किया गया हमला है। अराजकतत्वों की इस अमानवीय हरकत ने न सिर्फ सत्येंद्र निषाद को आर्थिक रूप से तोड़ दिया, बल्कि पूरे निषाद समाज में भय और आक्रोश पैदा कर दिया है। अब आवश्यकता है कि पुलिस प्रशासन निष्पक्ष और तेज़ कार्रवाई करते हुए दोषियों को शीघ्र गिरफ्तार करे, ताकि पीड़ित को न्याय मिल सके और भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति रोकी जा सके।