पत्रकार राकेश चन्द्र यादव के परिवार से मिले पूर्व जिला पंचायत अध्यक्ष छात्रबली सिंह, बच्चों की निशुल्क शिक्षा का उठाएंगे भार
चंदौली : समाजसेवा और जनसरोकार के कार्यों में सदैव सक्रिय रहने वाले पूर्व जिला पंचायत अध्यक्ष छात्रबली सिंह शुक्रवार को चंदौली के जसौली गांव पहुंचे, जहाँ उन्होंने हाल ही में स्वर्गवासी हुए वरिष्ठ पत्रकार राकेश चन्द्र यादव के परिजनों से भेंट कर गहरी संवेदना व्यक्त की। छात्रबली सिंह ने शोकाकुल पिता श्यामा प्रसाद यादव और परिवार के अन्य सदस्यों से मिलकर उन्हें ढांढस बंधाया। उन्होंने कहा कि राकेश यादव का असामयिक निधन न केवल पत्रकारिता जगत के लिए, बल्कि पूरे समाज के लिए एक अपूरणीय क्षति है। इस कठिन समय में पूरा समाज उनके परिवार के साथ खड़ा है।
छात्रबली सिंह ने दी सहायता का भरोसा
छत्रबली सिंह ने इस दौरान आर्थिक सहयोग का आश्वासन देते हुए कहा कि वे व्यक्तिगत स्तर पर हरसंभव मदद करेंगे। साथ ही उन्होंने यह महत्वपूर्ण घोषणा भी की कि राकेश यादव के बच्चों को उनके संस्थान SRVS विद्यालय में निशुल्क शिक्षा प्रदान की जाएगी। उन्होंने कहा, “राकेश भाई ने पत्रकारिता के माध्यम से सदैव समाज की आवाज उठाई। ऐसे व्यक्तित्व की स्मृति में उनके बच्चों की शिक्षा का भार उठाना हमारा कर्तव्य है।”
पूर्व जिला पंचायत अध्यक्ष ने कहा कि राकेश चन्द्र यादव ने दो दशकों से अधिक समय तक पत्रकारिता के क्षेत्र में ईमानदारी और निष्पक्षता की मिसाल कायम की। उन्होंने सामाजिक सरोकारों से जुड़े मुद्दों को हमेशा मुखरता से उठाया और जनहित को प्राथमिकता दी।
राकेश यादव थे समाज के सच्चे प्रहरी
छात्रबली सिंह ने भावुक होते हुए कहा, “राकेश यादव सिर्फ एक पत्रकार नहीं थे, बल्कि वे समाज के सच्चे प्रहरी और प्रेरक व्यक्तित्व थे। उनका योगदान हमेशा याद रखा जाएगा। अब समाज की जिम्मेदारी है कि इस संकट की घड़ी में उनके परिवार को संबल प्रदान करे।”
गांव के लोगों ने भी छात्रबली सिंह की इस पहल की सराहना करते हुए कहा कि यह कदम समाज के प्रति उनकी संवेदनशीलता और मानवता का परिचायक है। मौके पर क्षेत्र के कई पत्रकार, सामाजिक कार्यकर्ता और ग्रामीण मौजूद रहे।
निष्कर्ष
राकेश चन्द्र यादव के निधन ने पत्रकारिता जगत और समाज दोनों को गहराई से झकझोर दिया है। उन्होंने अपने लेखन और निष्पक्ष विचारों से हमेशा जनहित को आवाज दी। पूर्व जिला पंचायत अध्यक्ष छात्रबली सिंह का यह कदम न केवल एक संवेदनशील पहल है, बल्कि समाज के प्रति जिम्मेदारी और मानवीय संवेदना का उदाहरण भी है। राकेश यादव जैसे पत्रकारों की स्मृति और आदर्श हमेशा आने वाली पीढ़ियों को सत्य, निष्ठा और सेवा की राह दिखाते रहेंगे।









