सकलडीहा में डॉ. भीमराव अंबेडकर प्रतिमा स्थापना विवाद सुलझा, प्रशासन व व्यापारियों की बैठक में बनी सहमति
चंदौली : सकलडीहा कस्बा स्थित मुख्य तिराहे पर डॉ. भीमराव अंबेडकर की प्रतिमा को लेकर लंबे समय से चल रहा विवाद आखिरकार शुक्रवार को समाप्त हो गया। एसडीएम सकलडीहा कुन्दन राज कपूर की अध्यक्षता में कोतवाली सभागार में हुई बैठक में सर्वसम्मति से यह निर्णय लिया गया कि प्रतिमा तिराहे पर ही स्थापित की जाएगी, हालांकि इसके लिए समीप स्थित एक चाय की दुकान को थोड़ा पीछे हटना पड़ सकता है।
दरअसल, चंदौली से सैदपुर मार्ग पर सकलडीहा कस्बे के भीतर सड़क चौड़ीकरण का कार्य चल रहा है। इस दौरान मुख्य तिराहे पर स्थापित डॉ. अंबेडकर की प्रतिमा सड़क की जद में आ रही थी। भीम आर्मी और अंबेडकर समर्थकों ने प्रतिमा को हटाए जाने का विरोध करते हुए कई बार धरना-प्रदर्शन किया और प्रतिमा को तिराहे से हटाने के बजाय वहीं आसपास स्थापित करने की मांग की।
शक्रवार को सुबह एसडीएम के निर्देश पर सड़क चौड़ीकरण के लिए सरकारी भूमि का सीमांकन शुरू हुआ तो व्यापारियों में हड़कंप मच गया। सीमांकन के दायरे में कई दुकानों और मकानों के आने से व्यापारी प्रशासन के खिलाफ लामबंद हो गए। कुछ समय तक दोनों पक्ष आमने-सामने की स्थिति में रहे।
हालांकि, दोपहर बाद करीब 3 बजे कोतवाली सभागार में एसडीएम कुन्दन राज कपूर ने व्यापारियों और जनप्रतिनिधियों के साथ बैठक कर विवाद का समाधान निकाला। बैठक में यह निर्णय हुआ कि प्रतिमा को वर्तमान स्थान से हटाकर ठीक पीछे चाय की दुकान के पास स्थापित किया जाएगा। इसके साथ ही फिलहाल किसी भी व्यापारी को नोटिस जारी नहीं किया जाएगा।
बैठक में यह भी स्पष्ट किया गया कि सड़क चौड़ीकरण की कार्यवाही पूरी तरह से अभिलेखों और नक्शे के अनुसार होगी। जितनी चौड़ाई सड़क के नक्शे में दर्ज है, उतनी ही भूमि ली जाएगी। इससे अधिक किसी व्यापारी की भूमि या संपत्ति पर कार्रवाई नहीं की जाएगी।
इस समझौते के बाद कस्बे में व्याप्त तनावपूर्ण माहौल समाप्त हो गया और व्यापारियों ने भी राहत की सांस ली। वहीं, डॉ. अंबेडकर समर्थकों ने निर्णय का स्वागत करते हुए कहा कि तिराहे पर प्रतिमा की उपस्थिति दलित समाज और आम जनता की भावनाओं से जुड़ी है, जिसे संरक्षित रखना जरूरी था।


















