चंदौली पुलिस की बड़ी कामयाबी, 10 चोरी की बाइक बरामद, 4 अंतरराज्यीय चोर गिरफ्तार
चंदौली : जिले की कानून व्यवस्था को मजबूत करने और अपराध पर प्रभावी अंकुश लगाने के उद्देश्य से चकिया व शहाबगंज थाना पुलिस को शुक्रवार को बड़ी सफलता हाथ लगी। थानाध्यक्ष चकिया अर्जुन सिंह और थानाध्यक्ष शहाबगंज अशोक कुमार मिश्र के नेतृत्व में गठित संयुक्त पुलिस टीम ने चोरी के मामलों में सक्रिय अंतरराज्यीय गिरोह का पर्दाफाश करते हुए 10 चोरी की मोटरसाइकिल बरामद की है। पुलिस को यह सफलता मुखबिर की सटीक सूचना पर मिली। सूचना मिलते ही पुलिस की संयुक्त टीम ने सिकंदरपुर तिराहे पर घेराबंदी की और चार सक्रिय चोरों को गिरफ्तार करने में सफलता हासिल की।
गिरफ्तार अभियुक्तों की हुई पहचान
गिरफ्तार अभियुक्तों की पहचान सचिन पुत्र जोखू बियार, विजय कुमार पुत्र स्वर्गीय हरिचरण, दीपक कुमार पुत्र दशमी बियार (तीनों निवासी ग्राम पिपरीकला थाना बबुरी) व परवेज मुशर्रफ उर्फ आजाद पुत्र जुम्मन अंसारी (निवासी ग्राम भीषमपुर थाना चकिया) के निवासी है।
राजस्थान व चंदौली में करते थे चोरी
पुलिस जांच में खुलासा हुआ है कि यह संगठित गिरोह राजस्थान और चंदौली के विभिन्न इलाकों से मोटरसाइकिल चोरी कर बाजार में बेचने का काम करता था। अभियुक्तों के खिलाफ पहले से ही थाना मुगलसराय, नौगढ़ और राजस्थान प्रांत के थाना सदर, जनपद दोसा में आपराधिक मुकदमे दर्ज हैं।
संगठित गिरोह बनाकर देते थे वारदातों को अंजाम
पुलिस के अनुसार, यह गिरोह सुनियोजित तरीके से चोरी की घटनाओं को अंजाम देता था। आरोपी मोटरसाइकिल की रेकी कर उसे मौके का फायदा उठाकर उड़ा ले जाते और फिर उसके नंबर प्लेट व चेचिस नंबर में हेरफेर कर बिक्री की कोशिश करते थे।
पुलिस पूछताछ में किया खुलासा
पुलिस पूछताछ में गिरफ्तार अभियुक्तों ने बताया कि हम लोगों का एक संगठित गिरोह है। जिसमें सचिन और राजस्थान निवासी छोटेलाल चंदौली के भिन्न भिन्न थाना क्षेत्रों से मोटरसाइकिलों की चोरी करते है तथा चोरी की गई गाड़ियों को चोरी करने के तुरंत बाद से ही सुरक्षित स्थान पर रख देते है। तथा उन गाड़ियों को परवेज मुशर्रफ उर्फ आज़ाद की गौड़ीहार स्थित गैराज में छिपा देते है।
उन्होंने बताया कि वही से गाड़ियों को कम दामों पर बेच देते है और कोई गाड़ी बनने के लिए आती है तो इन चोरी किए गए गाड़ियों के पार्ट्स को खोलकर उनमें लगा देते है तथा जो पार्ट्स गाड़ियों में फिट नही बन पाते है या टूट फुट जाते है उन्हें कबाड़ में बेच देते है। इस प्रकार जैसे भी बनता है गाड़ियों को उनकी पहचान छुपकर बेच देते है। उनसे जितना पैसा मिलता है हमलोग आपस मे मिलकर बाट लेते है और अपनी शौख व ख्वाहिशें पूरी करते है।
एडिशनल एसपी ने दी जानकारी
गिरफ्तारी और बरामदगी के संबंध में एडिशनल एसपी अनंत चंद्रशेखर ने प्रेस कॉन्फ्रेंस कर विस्तृत जानकारी साझा की। उन्होंने कहा कि पुलिस की यह कार्रवाई अपराधियों के मनोबल को तोड़ेगी और आम जनता में सुरक्षा की भावना को मजबूत करेगी। वही गिरफ्तारी व बरामदगी करने वाली पुलिस टीम को 20 हजार रुपये पुरस्कार देने की घोषणा की।
आगे की कार्रवाई
पुलिस ने आरोपियों को हिरासत में लेकर संबंधित धाराओं में मुकदमा दर्ज कर आगे की कार्रवाई शुरू कर दी है। बरामद मोटरसाइकिलों की जांच चल रही है ताकि उनके वास्तविक मालिकों तक पहुंचाई जा सके।


















