कार्यशैली में सुधार नही लाने पर ग्राम पंचायत अधिकारी सस्पेंड, महकमें में मचा हड़कंप
चंदौली : जिले के विकास खंड नियामताबाद अंतर्गत ग्राम पंचायत चन्दरखाँ में ग्राम पंचायत अधिकारी मोहित चौरसिया सचिव के पद पर कार्यरत है. जिला पंचायत राज अधिकारी नीरज सिन्हा ने कार्यशैली में सुधार नही होने पर तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया है. साथ ही विभागीय अनुशासनिक कार्रवाई में अपर जिला पंचायत राज अधिकारी को जांच अधिकारी नियुक्त किया है. जांच अधिकारी एक पक्ष के भीतर आरोप पत्र गठित कर अधोहस्ताक्षरी से अनुमोदित करवाकर अपचारी कर्मचारी को उपलब्ध कराएंगे. वही निलंबन अवधि में आरोपी ग्राम पंचायत अधिकारी मोहित चौरसिया को विकास खंड सदर चंदौली से सम्बद्ध किया गया. इस कार्रवाई को लेकर महकमें में हड़कम्प मचा हुआ है.

जिला पंचायत राज अधिकारी नीरज सिन्हा ने बताया कि मोहित चौरसिया ग्राम पंचायत अधिकारी विकास खण्ड नियामताबाद अन्तर्गत ग्राम पंचायत चन्दरखाँ में सचिव के रूप में कार्यरत है. ग्राम पंचायत चन्दरखों विकास खण्ड नियामताबाद में सामुदायिक शौचालय निर्माण कार्य का स्थलीय सत्यापन विगत 02 माह पूर्व अधोहस्ताक्षरी द्वारा किया गया था. जिसमें सामुदायिक शौचालय का निर्माण कार्य अपूर्ण पाये जाने पर एक पक्ष के भीतर पूर्ण कराये जाने हेतु मौके पर निर्देशित किया गया था. परन्तु मोहित चौरसिया ग्राम पंचायत अधिकारी द्वारा सामुदायिक शौचालय का निर्माण आज तिथि तक पूर्ण न कराये जाने के कारण अधूरा पड़ा है.
बार-बार चेतावनी देने के बाद भी कार्यशैली में नही हुआ सुधार
जिला पंचायत राज अधिकारी द्वारा ग्राम पंचायत चन्दरखाँ विकास खण्ड नियामताबाद का निरीक्षण किया गया. निरीक्षण में पाया गया कि ग्राम पंचायत सचिवालय के रख-रखाव पर सचिव द्वारा कोई ध्यान नहीं दिया गया है. ग्राम पंचायत का कार्यालय पंचायत भवन से संचालित न हो कर अन्य भवन से संचालित किया जा रहा है. साथ ही निरीक्षण में ग्रामीण सचिवालय के न होने, अव्यवस्थित होने तथा सामुदायिक शौचालय का कार्य पूर्ण न होने एवं बार-बार चेतावनी देने के बाद भी सचिव के कार्य शैली में कोई सुधार न होने के कारण मोहित चौरसिया ग्राम पंचायत अधिकारी विकास खण्ड नियामताबाद के विरुद्ध उपरोक्त आरोपो में अनुशासनात्मक कार्यवाही प्रख्यापित करते हुए तत्काल प्रभाव से निलम्बित किया गया.
उन्होंने बताया कि निलंबन की अवधि में आरोपी ग्राम पंचायत अधिकारी मोहित चौरसिया को वित्तीय नियम संग्रह खंड 2 भाग 2 से 4 के मूल नियम 53 के प्रावधानों के अनुसार जीवन निर्वाह भत्ते की धनराशि अर्द्धवेतन पर देय अवकाश वेतन के राशि के बराबर दे होगी तथा उन्हें जीवन निर्वाह भत्ते की धनराशि पर महंगाई भत्ता यदि अवकाश वेतन पर देय भी अनुमन्य होगा. किंतु ऐसे कर्मचारियों को जीवन निर्वाह भत्ते के साथ कोई भत्ता देय नहीं होगा. जिन्हें निलंबन के पूर्व प्राप्त वेतन के आधार पर अन्य प्रतिकर भत्ते भी निलंबन की अवधि में इस शर्त पर देय होंगे जब इसका समाधान हो जाए कि उनके द्वारा उक्त सद में व्यय वास्तव में किया जा रहा है. जिसके लिए उक्त प्रतिकर भत्ते अनुमन्य है. उपरोक्त प्रस्तर-2 में उल्लेखित मदी का भुगतान तभी किया जाएगा जब ग्राम पंचायत अधिकारी इस आशय का प्रमाण पत्र प्रस्तुत करें कि वह किसी अन्य सेवायोजन, व्यापार वृत्ति व्यवसाय में नहीं लगे हैं.


















