किसानों ने आदर्श नहर निर्माण कार्य की धीमी रफ्तार पर जताई नाराजगी, आंदोलन की चेतावनी

6

किसानों ने आदर्श नहर निर्माण कार्य की धीमी रफ्तार पर जताई नाराजगी, आंदोलन की चेतावनी

चंदौली : करीब 5.50 करोड़ रुपये की लागत से निर्माणाधीन बेन-धरौली आदर्श नहर परियोजना की धीमी प्रगति को लेकर किसान विकास मंच ने किसानों के साथ नहर का निरीक्षण कर नाराजगी व्यक्त की। संगठन ने निर्माण कार्य में तेजी लाने तथा किसानों की विभिन्न समस्याओं के समाधान की मांग करते हुए चेतावनी दी कि मांगें पूरी नहीं होने पर बड़ा आंदोलन किया जाएगा।

किसान विकास मंच के संगठन मंत्री राम अवध सिंह के नेतृत्व में खखड़ा, बटौवा, खिलची, जंगलपुर, समदा पुल तथा बेन तियरी तक नहर का निरीक्षण किया गया। निरीक्षण के दौरान पाया गया कि निर्माण कार्य दो वर्षों से जारी है, लेकिन अभी भी काफी काम अधूरा पड़ा है। संगठन का आरोप है कि निर्माण एजेंसी शिवशक्ति कंस्ट्रक्शन द्वारा कार्य बेहद धीमी गति से कराया जा रहा है।

निरीक्षण में सामने आया कि नहर की पूर्वी पटरी का दो मीटर चौड़ा टॉप अभी तक तैयार नहीं किया गया है। वहीं खिलची, खेतयीपुर और समदा पुल के पास पूर्वी पटरी पर बड़े पैमाने पर पेड़ और झाड़ियां मौजूद हैं, जिससे किसानों को आवागमन और खेती-किसानी में भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है।

संगठन मंत्री ने बताया कि किसानों ने ये पेड़ नहीं लगाए हैं, लेकिन वन विभाग की कार्रवाई के डर से उन्हें काट नहीं पाते। इन पेड़ों की छाया से खेत लंबे समय तक गीले बने रहते हैं, जिससे धान की कटाई में दिक्कत आती है। इसके अलावा पटरी पर पैदल, बाइक और ट्रैक्टर का आवागमन भी बाधित होता है। उन्होंने कहा कि जब तक इन पेड़ों को हटाया नहीं जाएगा, तब तक आदर्श नहर की प्रमुख शर्त के अनुसार दो मीटर चौड़ी पटरी का निर्माण संभव नहीं है।

किसान विकास मंच ने सिंचाई विभाग से खखड़ा क्षेत्र में छह इंच के कुलावों की संख्या बढ़ाने, बटौवा फाल पर एक अतिरिक्त कुलावा तथा जंगलपुर फाल की पूर्वी पटरी पर भुड़कुड़ा क्षेत्र की सिंचाई के लिए दो नए छह इंच के कुलावे लगाने की मांग की है।

संगठन ने यह भी मांग उठाई कि बटौवा से खखड़ा तक बरसात के दौरान होने वाले जलभराव की समस्या को देखते हुए बाढ़ निकासी के कुलावों को प्रभावी और सुचारु बनाया जाए, ताकि किसानों की फसल सुरक्षित रह सके।

राम अवध सिंह ने बताया कि सिंचाई विभाग के अधिकारियों ने किसानों की समस्याओं के समाधान का आश्वासन दिया है। उन्होंने स्पष्ट किया कि यदि समय रहते समस्याओं का निराकरण नहीं हुआ तो किसान विकास मंच किसानों के साथ मिलकर व्यापक आंदोलन करेगा।

निरीक्षण के दौरान प्रदीप कुमार सिंह, शुभम सिंह, रामसरन प्रसाद एवं अमित कुमार सहित अनेक किसान मौजूद रहे।