गंगा किनारे अवैध खनन का आरोप, ग्रामीणों का प्रदर्शन, 15 से 20 फीट खुदाई से गांव के अस्तित्व पर मंडराया खतरा

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गंगा किनारे अवैध खनन का आरोप, ग्रामीणों का प्रदर्शन, 15 से 20 फीट खुदाई से गांव के अस्तित्व पर मंडराया खतरा

चंदौली : जिले के सलेमपुर और बियरा गांव में खनन विभाग की कथित मिलीभगत से मानकों के विपरीत मिट्टी खनन किए जाने का मामला सामने आया है। ग्रामीणों ने विरोध प्रदर्शन कर आरोप लगाया कि खनन माफिया निर्धारित सीमा से कहीं अधिक गहराई तक खुदाई कर राजस्व विभाग को नुकसान पहुंचा रहे हैं और गंगा तटवर्ती गांवों के अस्तित्व को भी खतरे में डाल रहे हैं।

गंगा किनारे 20 फीट तक खुदाई से ग्रामीणों में आक्रोश

ग्रामीणों का कहना है कि खनन विभाग द्वारा मिट्टी खनन के लिए स्पष्ट मानक निर्धारित किए गए हैं, लेकिन उनकी खुलेआम अनदेखी की जा रही है। आरोप है कि गंगा किनारे 300 मीटर की दूरी पर भुपौली और कैली के बीच स्थित सलेमपुर एवं बियरा गांव में खनन माफिया 15 से 20 फीट तक गहरी खुदाई कर रहे हैं, जबकि अनुमति की शर्तों का पालन नहीं किया जा रहा है।

मानकों के विपरीत हो रही खुदाई

ग्रामीणों के अनुसार, खनन विभाग ने 17 फरवरी 2026 को बियरा गांव में भू-स्वामी कुसुम की गाटा संख्या 62 (क्षेत्रफल 0.0387 हेक्टेयर) तथा सलेमपुर गांव में रमेश, पप्पू और बाले की गाटा संख्या 229 (क्षेत्रफल 0.3730 हेक्टेयर) पर मिट्टी खनन की अनुमति दी थी। इस अनुमति की वैधता 30 सितंबर 2026 तक है, लेकिन निर्धारित मानकों के विपरीत बड़े पैमाने पर गहरी खुदाई की जा रही है।

अवैध खनन से गांव के अस्तित्व पर खतरा

प्रदर्शन कर रहे ग्रामीणों ने सवाल उठाया कि आखिर खनन विभाग नियमित निरीक्षण क्यों नहीं कर रहा है और यह क्यों नहीं देखा जा रहा कि अनुमति के अनुरूप ही खुदाई हो रही है या नहीं। उनका कहना है कि गंगा किनारे अत्यधिक खुदाई से भविष्य में कटान का खतरा बढ़ सकता है, जिससे गांव की सुरक्षा और अस्तित्व दोनों प्रभावित हो सकते हैं।

दोषियों पर कार्रवाई की मांग

ग्रामीणों ने मांग की कि पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कर दोषी अधिकारियों और खनन माफियाओं के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाए। उनका कहना है कि एक ओर सरकार गंगा किनारे कटान रोकने के लिए करोड़ों रुपये खर्च कर रही है, वहीं दूसरी ओर विभागीय लापरवाही से ऐसे कार्यों को बढ़ावा मिल रहा है।

एसडीएम ने दिए जांच के आदेश

इस संबंध में उपजिलाधिकारी कुंदन राज कपूर ने कहा कि मामले की जांच कराई जाएगी और यदि अनियमितता पाई गई तो संबंधित लोगों के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।

प्रदर्शन के दौरान संजय यादव, इंद्रपाल यादव, विजय यादव, भैया लाल, श्रवण यादव, गुड्डू, प्रिंस यादव, विनय यादव सहित बड़ी संख्या में ग्रामीण मौजूद रहे।