उर्वरक विक्रेताओं पर जिला प्रशासन की कड़ी नजर, अनियमितताओं पर दो प्रतिष्ठानों के लाइसेंस तत्काल निलंबित

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उर्वरक विक्रेताओं पर जिला प्रशासन की कड़ी नजर, अनियमितताओं पर दो प्रतिष्ठानों के लाइसेंस तत्काल निलंबित

चंदौली : जिलाधिकारी चन्द्र मोहन गर्ग के स्पष्ट निर्देशानुसार जनपद में उर्वरक विक्रेताओं की गतिविधियों पर प्रशासनिक सख्ती जारी है। इसी क्रम में मंगलवार को जिला कृषि अधिकारी विनोद कुमार यादव के नेतृत्व में विभिन्न उर्वरक बिक्री प्रतिष्ठानों का सघन निरीक्षण किया गया। निरीक्षण का उद्देश्य किसानों को समय पर और उचित दर पर गुणवत्तापूर्ण उर्वरक उपलब्ध कराना सुनिश्चित करना था।

निरीक्षण के दौरान मे० हिमांशु खाद भण्डार, उचहरा में उर्वरक प्राधिकार पत्र प्रतिष्ठान पर उपलब्ध नहीं पाया गया। वहीं, मे० विकास खाद भण्डार, उचहरा में रेट बोर्ड न लगाने, स्टॉक रजिस्टर तथा बिक्री रजिस्टर प्रस्तुत न कर पाने जैसी गंभीर अनियमितताएं पाई गईं। प्रशासन ने इसे गंभीरता से लेते हुए दोनों प्रतिष्ठानों की उर्वरक बिक्री तत्काल प्रभाव से प्रतिबंधित कर दी है तथा लाइसेंस निलंबित कर दिया गया है। अधिकारियों ने स्पष्ट किया कि यदि निर्धारित समयावधि में संतोषजनक स्पष्टीकरण प्राप्त नहीं हुआ तो संबंधित विक्रेताओं के लाइसेंस निरस्त कर आगे की विधिक कार्रवाई की जाएगी।

इसके अतिरिक्त मे० गुप्ता इंटरप्राइजेज तथा मे० जायसवाल ट्रेडर्स, हेमितपुर का भी निरीक्षण किया गया। निरीक्षण के दौरान मे० गुप्ता इंटरप्राइजेज से डी.ए.पी. (डाय-अमोनियम फॉस्फेट) तथा एस.एस.पी. (सिंगल सुपर फॉस्फेट) के नमूने संकलित किए गए। वहीं, मे० जायसवाल ट्रेडर्स से डी.ए.पी. और एन.पी.के. (नाइट्रोजन, फॉस्फोरस, पोटाश युक्त उर्वरक) के नमूने लिए गए। साथ ही, वितरण रजिस्टर न दिखा पाने के कारण प्रतिष्ठान को कारण बताओ नोटिस भी जारी किया गया है।

जिलाधिकारी ने दिए सख्त निर्देश

जिलाधिकारी चन्द्र मोहन गर्ग ने स्पष्ट शब्दों में कहा है कि किसानों के हितों के साथ किसी भी प्रकार का समझौता नहीं किया जाएगा। उन्होंने बताया कि जिले में उर्वरक वितरण व्यवस्था को पारदर्शी और नियमानुसार बनाए रखने के लिए सघन निरीक्षण अभियान अनवरत चलता रहेगा। सभी विक्रेताओं को चेतावनी दी गई है कि वे अपने प्रतिष्ठानों पर निम्नलिखित व्यवस्थाएं अनिवार्य रूप से बनाए रखें :-

● लाइसेंस की प्रति उचित स्थान पर प्रदर्शित करें।

● विक्रय दर (रेट बोर्ड) स्पष्ट रूप से अंकित करें।

● स्टॉक एवं बिक्री रजिस्टर नियमित रूप से अपडेट करें।

● उर्वरक की बिक्री निर्धारित दर पर ही करें।

● बिना किसानों की स्पष्ट सहमति के किसी अन्य उत्पाद की टैगिंग न करें।

किसानों को राहत, विक्रेताओं को चेतावनी

इस कार्रवाई से एक ओर जहाँ किसानों को राहत मिलने की उम्मीद है, वहीं अनियमित रूप से व्यापार करने वाले विक्रेताओं के लिए यह एक स्पष्ट चेतावनी है कि प्रशासन अब किसी प्रकार की लापरवाही को बर्दाश्त नहीं करेगा। कृषि विभाग ने सभी विक्रेताओं से अपील की है कि वे नियमों का कड़ाई से पालन करें और किसानों के विश्वास को ठेस न पहुँचाएँ।