गंगा का बढ़ता जलस्तर बना संकट, विधायक प्रभुनारायण सिंह ने किया तटवर्ती गांवों का दौरा, राहत केंद्रों में शरण लेने की अपील
चंदौली : गंगा नदी का जलस्तर लगातार तेजी से बढ़ता जा रहा है, जिससे चहनियां क्षेत्र के तटवर्ती गांवों में बाढ़ का खतरा मंडराने लगा है। स्थिति की गंभीरता को देखते हुए रविवार को सकलडीहा विधानसभा क्षेत्र के सपा विधायक प्रभुनारायण सिंह यादव ने प्रभावित इलाकों का स्थलीय और जलमार्ग से निरीक्षण किया। उन्होंने ग्रामीणों से सीधे संवाद कर उनकी समस्याएं सुनीं और उन्हें सतर्क रहने तथा प्रशासन द्वारा स्थापित राहत केंद्रों में समय रहते शरण लेने की अपील की।
गांवों की ओर बढ़ता गंगा का पानी
विधायक ने सराय, बलुआ, महुअर, हरधन, टाण्डा, हसनपुर समेत कई तटवर्ती गांवों का निरीक्षण किया। इन इलाकों में गंगा का पानी तेजी से गांवों की ओर बढ़ रहा है और किसी भी समय बस्तियों में प्रवेश कर सकता है। विधायक ने कहा, “गंगा का प्रवाह अत्यंत तेज है, और यह कहना मुश्किल है कि कब अचानक पानी गांवों में घुस आए। ऐसी स्थिति में लापरवाही जानलेवा हो सकती है।”
बाढ़ग्रस्त इलाकों का नाव से लिया जायजा
निरीक्षण के दौरान विधायक नाव के माध्यम से भी प्रभावित गांवों में पहुंचे, जहां उन्होंने ग्रामीणों की दुश्वारियों को नजदीक से समझा। उन्होंने प्रशासन से फोन पर बात कर हरसंभव राहत एवं बचाव कार्य सुनिश्चित करने की मांग की। उन्होंने कहा कि सरकार और प्रशासन पूरी तरह अलर्ट है और लोगों की सुरक्षा सर्वोपरि है।
विधायक ने लोगों से की अपील
प्रभुनारायण सिंह यादव ने ग्रामीणों से आग्रह किया कि वे अनावश्यक जोखिम न उठाएं और अपने घरों को छोड़कर आवश्यक सामान के साथ राहत केंद्रों में चले जाएं। उन्होंने यह भी भरोसा दिलाया कि प्रशासन द्वारा हर संभव सहायता उपलब्ध कराई जाएगी, चाहे वह भोजन, चिकित्सा या पशुओं के लिए चारे की व्यवस्था हो।
ये रहे मौजूद
इस निरीक्षण के दौरान उनके साथ कई जनप्रतिनिधि और स्थानीय नेता भी मौजूद रहे, जिनमें विधानसभा अध्यक्ष सुभाष यादव, राजीव सिंह ‘मुन्ना’, प्रमोद यादव, ओम प्रकाश यादव, आनंद सोनकर, विक्रमा मास्टर, राम अवध, अरुण निषाद, दिनेश प्रधान आदि शामिल रहे। सभी ने मिलकर लोगों को जागरूक किया और राहत कार्यों में सहयोग का आश्वासन दिया।
गौरतलब है कि बीते कुछ दिनों से गंगा नदी का जलस्तर लगातार बढ़ रहा है, जिससे चंदौली जनपद के तटवर्ती गांवों में बाढ़ की आशंका प्रबल हो गई है। प्रशासन पहले ही अलर्ट जारी कर चुका है और राहत केंद्रों की व्यवस्था की जा चुकी है। अब जरूरत है लोगों के सहयोग की, ताकि कोई जान-माल की हानि न हो।


















