वन विभाग कार्यालय में हुआ भावभीनी विदाई समारोह, अधिकारियों और जनप्रतिनिधियों ने किया सम्मान
चंदौली : चहनियां स्थित वन विभाग कार्यालय में सोमवार की शाम को एक भावुक क्षणों से भरा विदाई समारोह आयोजित हुआ, जिसमें वन क्षेत्राधिकारी नित्यानन्द पाण्डेय को उनके सेवानिवृत्त होने पर सम्मानपूर्वक विदाई दी गई। इस मौके पर विभागीय अधिकारियों, स्थानीय जनप्रतिनिधियों और सामाजिक संगठनों के सदस्यों की गरिमामयी उपस्थिति ने कार्यक्रम को खास बना दिया।
तीन वर्षों की सेवा के बाद हुए सेवानिवृत्त
नित्यानन्द पाण्डेय ने 15 जुलाई 2022 को चहनियां वन विभाग कार्यालय में कार्यभार संभाला था और 30 जून 2025 को यहीं से अपनी सेवा पूरी कर वे सेवानिवृत्त हुए। अपने तीन वर्षों के कार्यकाल में उन्होंने न सिर्फ वन सुरक्षा और पर्यावरण संरक्षण के क्षेत्र में उल्लेखनीय कार्य किया, बल्कि विभागीय प्रशासनिक कार्यों को भी ईमानदारी और निष्ठा के साथ निभाया।
वक्ताओं ने सज्जनता और समर्पण की सराहना
कार्यक्रम के दौरान उन्हें माला पहनाकर, अंगवस्त्र और उपहार भेंट कर सम्मानित किया गया। सभी वक्ताओं ने उनके कार्यशैली, सज्जनता और समर्पण की सराहना करते हुए कहा कि उनका कार्यकाल प्रेरणादायक रहा है। उपस्थितजनों ने यह भी कहा कि नित्यानन्द पाण्डेय ने चहनियां जैसे ग्रामीण क्षेत्र में रहते हुए भी वन विभाग की जिम्मेदारियों को बखूबी निभाया और विभाग के साथ जनसामान्य के बीच बेहतर समन्वय स्थापित किया।
विदाई समारोह में अपने उद्बोधन में नित्यानन्द पाण्डेय भावुक हो उठे। उन्होंने कहा कि “बाबा कीनाराम की तपोभूमि और पश्चिम वाहिनी गंगा की इस पवित्र धरती से मुझे जो स्नेह, सम्मान और सहयोग मिला, उसे मैं कभी नहीं भूल सकता। यहां के लोग और यह भूमि मेरे हृदय में सदा बसेंगे। मैं अपने समस्त सहयोगियों और क्षेत्रवासियों का हृदय से आभार प्रकट करता हूं।”
इस मौके पर दुर्गेश पाण्डेय, पवन पाण्डेय, दीपक जायसवाल, अभिमन्यु चौहान, वन विभाग के अधिकारी जितेंद्र यादव, अभिषेक यादव, फिरोज गांधी सहित कई गणमान्य लोग उपस्थित रहे। सभी ने नित्यानन्द पाण्डेय के साथ बिताए गए कार्यकाल की स्मृतियों को साझा किया और उनके सुखद भविष्य की कामना की।
इस विदाई समारोह ने यह सिद्ध कर दिया कि जब एक अधिकारी सेवा भाव, निष्ठा और जनसंपर्क की भावना से कार्य करता है, तो उसे न केवल विभागीय बल्कि सामाजिक सम्मान भी प्राप्त होता है। नित्यानन्द पाण्डेय की यह विदाई एक आदर्श सेवानिवृत्ति का उदाहरण बन गई है।


















