जिलाधिकारी ने लिया निर्माणाधीन सड़कों का जायजा, गुणवत्ता और समयबद्धता को लेकर दिए सख्त निर्देश
चंदौली : जनपद चंदौली में चल रही प्रमुख सड़कों के चौड़ीकरण और निर्माण कार्य की प्रगति को परखने के लिए जिलाधिकारी चंद्र मोहन गर्ग ने बुधवार को स्थलीय निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने पड़ाव से रामनगर तक बनने वाली 4 लेन सड़क, पड़ाव से मुगलसराय तक प्रस्तावित 6 लेन सड़क तथा मुगलसराय से चकिया तक निर्माणाधीन 4 लेन सड़क का जायजा लिया और संबंधित अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए।
निरीक्षण के दौरान जिलाधिकारी ने पाया कि निर्माण कार्य की गति अपेक्षाकृत धीमी है। जब इसका कारण जानना चाहा तो पता चला कि कार्य में भूमि अधिग्रहण से जुड़ी समस्याएं आड़े आ रही हैं। इस पर जिलाधिकारी ने स्पष्ट निर्देश दिए कि संबंधित क्षेत्र के उप जिलाधिकारीगण, पीडब्ल्यूडी, और अन्य विभागीय अधिकारी आपस में बेहतर समन्वय स्थापित करें ताकि किसी भी प्रकार की बाधा को समय रहते दूर किया जा सके और परियोजना को गुणवत्ता के साथ समय-सीमा में पूर्ण किया जा सके।
गलत डाटा पर सख्त रुख
मुगलसराय से चकिया तक सड़क निर्माण कार्य के निरीक्षण के दौरान उपलब्ध कराए गए डाटा में अनियमितता पाई गई। जिलाधिकारी ने पाया कि पीडब्ल्यूडी निर्माण खंड द्वारा प्रस्तुत सूचना गलत है और कार्य की प्रगति भी असंतोषजनक है। इस पर उन्होंने अधिशासी अभियंता को कारण बताओ नोटिस जारी करने का निर्देश दिया।
इसके साथ ही जिलाधिकारी ने जनपद स्तर पर एक अलग निगरानी टीम गठित करने के निर्देश दिए, जो प्रत्येक सप्ताह परियोजना की प्रगति की जांच कर रिपोर्ट प्रस्तुत करेगी। यह टीम कार्य में पारदर्शिता और जवाबदेही सुनिश्चित करेगी।
निरीक्षण का उद्देश्य : जमीनी सच्चाई से रूबरू होना
जिलाधिकारी ने कहा कि निरीक्षण का मुख्य उद्देश्य सिर्फ कागजी आंकड़ों पर भरोसा करने के बजाय कार्य की जमीनी सच्चाई को स्वयं देखना और समझना था। उन्होंने यह भी कहा कि निरीक्षण के दौरान जो भी कमियां पाई गई हैं, उन्हें तत्काल प्रभाव से दूर किया जाएगा और परियोजना को तय समय में पूर्ण कराना सुनिश्चित किया जाएगा।
निरीक्षण के दौरान प्रमुख अधिकारी रहे मौजूद
निरीक्षण के दौरान मुख्य विकास अधिकारी आर. जगत साईं, अधिशासी अभियंता राजेश कुमार (प्रांतीय खंड), संबंधित उप जिलाधिकारीगण, तहसीलदार समेत अन्य अधिकारी उपस्थित रहे।
निष्कर्ष
चंदौली जिले में सड़क निर्माण की इस महत्वाकांक्षी परियोजना को लेकर जिलाधिकारी की सक्रियता और कठोर निगरानी यह संकेत देती है कि प्रशासन गुणवत्ता और समयसीमा को लेकर किसी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं करेगा। इस प्रकार की तत्परता से जिले के बुनियादी ढांचे को मजबूती मिलेगी और आमजन को बेहतर यातायात सुविधा प्राप्त होगी।