मौनी अमावस्या पर बलुआ घाट में उमड़ेगी आस्था की धारा, सुरक्षा के मद्देनज़र बड़े वाहनों पर रोक

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मौनी अमावस्या पर बलुआ घाट में उमड़ेगी आस्था की धारा, सुरक्षा के मद्देनज़र बड़े वाहनों पर रोक

चंदौली : हिंदू पंचांग के अनुसार मौनी अमावस्या 18 जनवरी, रविवार को मनाई जाएगी। अमावस्या तिथि 18 जनवरी को मध्य रात्रि 12:03 बजे से शुरू होकर 19 जनवरी को मध्य रात्रि 1:21 बजे तक रहेगी। उदयातिथि के आधार पर 18 जनवरी को ही मौनी अमावस्या का पुण्यकाल माना जाएगा। वही मौनी अमावस्या के पावन पर्व को लेकर पश्चिम वाहिनी मां गंगा के प्रसिद्ध बलुआ घाट पर श्रद्धालुओं की भारी भीड़ उमड़ने की संभावना है। इसी को ध्यान में रखते हुए पुलिस प्रशासन ने सुरक्षा और यातायात व्यवस्था को लेकर विशेष इंतजाम किए हैं। रविवार देर रात से लेकर मौनी अमावस्या के स्नान और मेले की समाप्ति तक बलुआ रूट पर चार पहिया और बड़े वाहनों का आवागमन पूर्ण रूप से प्रतिबंधित रहेगा।

बलुआ थानाध्यक्ष अतुल कुमार ने बताया कि चौबेपुर (वाराणसी) की ओर से आने वाले वाहनों में केवल दो पहिया वाहनों को ही अनुमति दी जाएगी। अन्य सभी वाहनों को चौबेपुर में ही रोक दिया जाएगा। वहीं चहनियां चौराहे से बलुआ की ओर केवल दो पहिया वाहन ही जा सकेंगे, लेकिन टेढ़की पुलिया सराय के आगे किसी भी वाहन को आगे बढ़ने की अनुमति नहीं होगी। इसके अलावा पुल रोड से घाट की ओर भीड़भाड़ वाले क्षेत्रों में किसी भी प्रकार के वाहन का प्रवेश पूरी तरह वर्जित रहेगा।

पश्चिम वाहिनी बलुआ घाट का विशेष महत्व

पश्चिम वाहिनी मां गंगा का बलुआ घाट धार्मिक दृष्टि से अत्यंत महत्वपूर्ण माना जाता है। मान्यता है कि यहां गंगा पश्चिम दिशा की ओर बहती हैं, जो अत्यंत दुर्लभ और पुण्यदायी है। मौनी अमावस्या के दिन यहां स्नान करने से विशेष फल की प्राप्ति होती है और पापों से मुक्ति मिलती है। इसी कारण हर वर्ष हजारों श्रद्धालु दूर-दराज से बलुआ घाट पहुंचते हैं।

स्नान और दान का विशेष फल

धार्मिक मान्यताओं के अनुसार मौनी अमावस्या के दिन गंगा स्नान, दान और जप-तप करने से अक्षय पुण्य की प्राप्ति होती है। बलुआ घाट पर स्नान के बाद श्रद्धालु दान-पुण्य कर अपने और अपने परिवार के सुख-समृद्धि की कामना करते हैं। इसी वजह से प्रशासन भी इस पर्व को सकुशल संपन्न कराने के लिए पूरी तरह सतर्क है।

पुलिस प्रशासन ने की अपील

पुलिस प्रशासन ने आम जनता से अपील की है कि मौनी अमावस्या के दौरान शांति और सौहार्द बनाए रखें, निर्धारित डायवर्जन प्लान का पालन करें और प्रशासन का सहयोग करें, ताकि श्रद्धालु सुरक्षित और व्यवस्थित ढंग से पुण्य स्नान कर सकें।

निष्कर्ष

मौनी अमावस्या के पावन अवसर पर पश्चिम वाहिनी बलुआ घाट पर श्रद्धालुओं की भारी भीड़ को देखते हुए प्रशासन ने सुरक्षा और यातायात व्यवस्था को लेकर सख्त और आवश्यक कदम उठाए हैं। गंगा स्नान, बाल्मीकि कुंड के दर्शन और दान-पुण्य के महत्व को ध्यान में रखते हुए किया गया यह यातायात प्रतिबंध श्रद्धालुओं की सुविधा और सुरक्षा के लिए है। आमजन द्वारा प्रशासन के निर्देशों और डायवर्जन प्लान का पालन करने से पर्व शांतिपूर्ण, सुव्यवस्थित और श्रद्धा के वातावरण में संपन्न होगा।