चकिया के टकटकपुर में मृदा परीक्षण शिविर आयोजित, किसानों को जैव उर्वरक व फॉर्मर रजिस्ट्री के प्रति किया गया जागरूक
चंदौली : कृषि क्षेत्र में वैज्ञानिक खेती को बढ़ावा देने और किसानों को उन्नत तकनीकों से जोड़ने के उद्देश्य से चकिया क्षेत्र के ग्राम सभा टकटकपुर में मृदा परीक्षण शिविर का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में किसानों के खेतों से मिट्टी के नमूने लेकर परीक्षण हेतु संग्रहित किए गए तथा उन्हें मिट्टी की गुणवत्ता के अनुसार उर्वरकों के संतुलित उपयोग की जानकारी दी गई।
शिविर में उपस्थित वैज्ञानिक कपिल देव ने किसानों को संबोधित करते हुए कहा कि बेहतर उत्पादन के लिए रासायनिक खादों का सीमित एवं संतुलित प्रयोग जरूरी है। उन्होंने जैव उर्वरक, कम्पोस्ट और माइक्रो न्यूट्रिएंट्स के उपयोग पर विशेष जोर देते हुए बताया कि इससे मिट्टी की उर्वरा शक्ति लंबे समय तक बनी रहती है और फसल उत्पादन में भी वृद्धि होती है।
उन्होंने किसानों को विभिन्न फसलों में लगने वाले कीट एवं रोगों की पहचान और उनके प्रभावी नियंत्रण के उपायों की भी विस्तृत जानकारी दी। साथ ही किसानों को आधुनिक कृषि पद्धतियों को अपनाने के लिए प्रेरित किया।
कार्यक्रम में कृभको के प्रभारी रमेश चंद्र शुक्ला ने किसानों से फॉर्मर रजिस्ट्री कराने का अनुरोध करते हुए बताया कि भविष्य में खाद वितरण फॉर्मर रजिस्ट्री के आधार पर ही किया जाएगा। उन्होंने कहा कि सभी किसान समय रहते अपना पंजीकरण अवश्य कराएं, ताकि उन्हें किसी प्रकार की समस्या का सामना न करना पड़े।
ग्राम प्रधान संतोष ने कहा कि किसानों को कृषि विभाग की योजनाओं और नई तकनीकों की जानकारी समय-समय पर मिलती रहे, इसके लिए गांव स्तर पर ऐसे कार्यक्रम आगे भी आयोजित किए जाएंगे।
इस अवसर पर किसान भूपेंद्र, शैलेंद्र, सारनाथ, दिनेश, कमलेश, चंद्रदेव, उमरावती, शीला देवी सहित बड़ी संख्या में किसान मौजूद रहे। कार्यक्रम के अंत में किसानों ने मृदा परीक्षण एवं कृषि विशेषज्ञों द्वारा दी गई जानकारी को उपयोगी बताते हुए इस पहल की सराहना की।


















