कांवड़ियों की सुरक्षा हेतु चंदौली प्रशासन सतर्क, पीडीडीयू जंक्शन पर सुरक्षा व्यवस्थाओं का हुआ निरीक्षण

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कांवड़ियों की सुरक्षा हेतु चंदौली प्रशासन सतर्क, पीडीडीयू जंक्शन पर सुरक्षा व्यवस्थाओं का हुआ निरीक्षण

चंदौली : श्रावण मास में उमड़ रही कांवड़ यात्रियों की भारी भीड़ को देखते हुए चंदौली प्रशासन अलर्ट मोड पर है। शनिवार को जिलाधिकारी चंद्र मोहन गर्ग, पुलिस अधीक्षक आदित्य लांग्हे एवं आरपीएफ सीनियर कमांडेंट जेथिन बी. राज ने पंडित दीनदयाल उपाध्याय नगर जंक्शन का निरीक्षण कर कांवड़ियों की सुगम और सुरक्षित यात्रा के लिए की गई व्यवस्थाओं का जायजा लिया।

यात्रियों से सतर्क रहने की अपील

निरीक्षण के दौरान अधिकारियों ने प्लेटफॉर्म, फुट ओवरब्रिज, टिकट काउंटर व पार्किंग एरिया में भीड़ प्रबंधन, सुरक्षा व्यवस्था और यात्री सुविधाओं की बारीकी से समीक्षा की। जिलाधिकारी ने यात्रियों से अपील की कि वे रेलवे ट्रैक से उचित दूरी बनाए रखें और भीड़भाड़ वाले स्थानों पर विशेष सतर्कता बरतें।

पीडीडीयू जंक्शन पर खास वेशभूषा में तैनात रहेंगे पुलिसकर्मी

प्रशासन ने स्टेशन परिसर में श्रद्धालुओं की बढ़ती संख्या को देखते हुए विशेष ट्रेनें चलाने, अतिरिक्त सुरक्षा बल तैनात करने, सादे कपड़ों में पुलिसकर्मियों की मौजूदगी और मॉक ड्रिल जैसे प्रबंध सुनिश्चित किए हैं। पुलिस अधीक्षक ने निर्देश दिया कि पुलिसकर्मी कांवड़ियों की वेशभूषा में स्टेशन परिसर में तैनात रहेंगे ताकि वे यात्रियों के बीच रहकर किसी भी संदिग्ध गतिविधि की तुरंत पहचान कर सकें।

पार्किंग से लेकर चिकित्सा तक पुख्ता इंतजाम

स्टेशन के दक्षिणी प्रवेश द्वार पर पार्किंग व्यवस्था सुदृढ़ की गई है, वहीं यात्रियों के लिए पेयजल, चिकित्सा और एम्बुलेंस सेवाओं की व्यवस्था को भी चाक-चौबंद बताया गया। आरपीएफ जवानों को लाउडहेलर के जरिए यात्रियों को जागरूक करने के निर्देश दिए गए हैं।

स्टेशन पर अग्निशमन उपकरण हों दुरुस्त

निरीक्षण के दौरान जिलाधिकारी ने रेलवे प्रशासन को अग्निशमन यंत्रों की पर्याप्त उपलब्धता सुनिश्चित करने और पायदान पर बैठकर यात्रा करने वालों पर सख्ती से रोक लगाने के निर्देश भी दिए।

इस मौके पर उप जिलाधिकारी अनुपम मिश्रा, क्षेत्राधिकारी पीडीडीयू नगर, प्रभारी निरीक्षक मुगलसराय, आरपीएफ और जीआरपी अधिकारीगण सहित अन्य संबंधित अधिकारी उपस्थित रहे।

श्रावण मास के इस पवित्र अवसर पर प्रशासन का यह समर्पण न केवल कांवड़ियों की सुरक्षा का प्रतीक है, बल्कि यात्रियों की श्रद्धा और भावनाओं के प्रति संवेदनशीलता का भी परिचायक है।