चहनियां कस्बे में जाम बना जनजीवन का संकट, निर्माण कार्य की धीमी रफ्तार से लोग बेहाल
चंदौली : चहनियां कस्बा रविवार को एक बार फिर जाम की भीषण समस्या से जूझता नजर आया। करीब एक घंटे तक चिलचिलाती धूप में फंसे लोग बेहाल दिखे। बच्चों से लेकर बुजुर्गों तक, महिलाएं हों या मरीज — सभी इस अव्यवस्था के शिकार बने। मुख्य वजह है हाईवे निर्माण कार्य में लापरवाही और कार्यदायी संस्था की सुस्त कार्यशैली, जिसके चलते क्षेत्र के लोगों को बीते ढाई महीने से रोजाना जाम की मार झेलनी पड़ रही है।
जानकारी के अनुसार, चहनियां से चंदौली तक एक कार्यदायी संस्था विगत दो वर्षों से हाईवे का निर्माण कार्य करा रही है। लेकिन बीते ढाई महीने से मात्र 300 मीटर सड़क निर्माण का कार्य हो रहा है, जिससे पूरे कस्बे में यातायात व्यवस्था चरमरा गई है।
विशेष रूप से चहनियां चौराहे से सटे दो मार्ग — एक सैदपुर की ओर डेढ़ सौ मीटर और दूसरा सकलडीहा मार्ग की ओर डेढ़ सौ मीटर की पटरी पर काम शुरू कर दिया गया, जबकि पश्चिम पटरी का कार्य अभी तक अधूरा है। इससे दोनो दिशाओं से आने-जाने वाले वाहन एक ही संकरी राह से गुजरने को मजबूर हैं, जिससे प्रतिदिन जाम की स्थिति बन रही है।
रविवार को हालात हुए और बदतर
रविवार को जब लोग साप्ताहिक बाजार और अन्य जरूरी कामों से बाहर निकले तो जाम की स्थिति और विकराल हो गई। लगभग एक घंटे तक वाहन रेंगते रहे। चिलचिलाती धूप में लोग बेहाल हो गए। दोपहर के वक्त जब पारा 44 डिग्री के आसपास था, तब लोग बाइक और कारों में फंसे रहे। छोटे बच्चों से लेकर बीमार लोगों तक को भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ा।
जनता में गहरा आक्रोश
स्थानीय लोगों में कार्यदायी संस्था की लापरवाही को लेकर गहरा आक्रोश है। लोगों का कहना है कि विगत ढाई महीने से 300 मीटर की सड़क का कार्य भी नहीं हो पा रहा है, जबकि दो वर्षों से यह निर्माण कार्य चल रहा है। क्षेत्रीय जनप्रतिनिधियों और प्रशासन से कई बार शिकायत की जा चुकी है, लेकिन अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई।
राहगीरों की बढ़ती परेशानियां
सड़क के अधूरे निर्माण के कारण न केवल जाम, बल्कि धूल, गड्ढों और अव्यवस्थित ट्रैफिक से भी लोग त्रस्त हैं। खासकर स्कूली बच्चों, बुजुर्गों और महिलाओं को आवागमन में भारी दिक्कत हो रही है। मरीजों को समय पर अस्पताल पहुंचाना तक चुनौती बन गया है।
मांग उठी – जल्द हो निर्माण कार्य पूर्ण
क्षेत्रवासियों ने प्रशासन से मांग की है कि कार्यदायी संस्था की जिम्मेदारी तय की जाए और हाईवे निर्माण कार्य को जल्द से जल्द पूर्ण कराया जाए, ताकि लोगों को जाम की समस्या से राहत मिल सके।
यदि यही हालात बने रहे तो क्षेत्र में जनआंदोलन भी खड़ा हो सकता है। फिलहाल चहनियां कस्बा एक बदहाल यातायात व्यवस्था का प्रतीक बनता जा रहा है, जिसकी सुध लेने की ज़रूरत है।


















