कैथी का हेल्थ सेंटर बना अधूरी उम्मीदों का प्रतीक, दो वर्षों से बंद पड़ा निर्माण कार्य, डीएम से लगाई गुहार

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कैथी का हेल्थ सेंटर बना अधूरी उम्मीदों का प्रतीक, दो वर्षों से बंद पड़ा निर्माण कार्य, डीएम से लगाई गुहार

चंदौली : चहनियां विकास खंड के कैथी गांव में ग्रामीणों की वर्षों पुरानी उम्मीदें अब हताशा में बदल रही हैं। गांव में बन रहा हेल्थ सेंटर बीते दो वर्षों से अधर में लटका हुआ है। निर्माण के नाम पर केवल दीवारें खड़ी हैं, न छत है, न दरवाजे, न कोई चिकित्सकीय सुविधा। इस अधूरे ढांचे को देखकर हर ग्रामीण यही सवाल करता है — “क्या हम स्वास्थ्य जैसी मूलभूत सुविधा के हकदार नहीं?”

अक्टूबर 2023 में शुरू हुआ था निर्माण

जानकारी के अनुसार करीब 3 लाख 20 हजार रुपये की लागत से पीडब्ल्यूडी विभाग द्वारा हेल्थ सेंटर का निर्माण कार्य शुरू किया गया था। लेकिन कार्य की गुणवत्ता इतनी खराब थी कि निर्माण के दौरान बारजा गिर गया, जिससे एक मजदूर गंभीर रूप से घायल हो गया। इस दुर्घटना के बाद ठेकेदार ने काम बंद कर दिया और तब से यह भवन ज्यों का त्यों पड़ा है। न कोई मरम्मत हुई, न ही कार्य फिर से शुरू किया गया।

8 हजार की आबादी, लेकिन इलाज के लिए सफर जरूरी

कैथी गांव की आबादी करीब 8 हजार है, लेकिन गांव में इलाज की कोई स्थायी व्यवस्था नहीं है। ग्रामीणों को मामूली बुखार, चोट या अन्य बीमारियों के लिए भी चहनियां कस्बे के प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र जाना पड़ता है। यह दूरी सिर्फ असुविधा ही नहीं, कई बार जान जोखिम में डालने वाली भी साबित होती है, खासकर गर्भवती महिलाओं, बच्चों और बुजुर्गों के लिए।

प्रधान प्रतिनिधि ने उठाई आवाज

गांव के प्रधान प्रतिनिधि बद्दु प्रसाद ने इस मुद्दे को लेकर आवाज बुलंद की है। उनका कहना है कि, “सरकार की योजना थी कि हर गांव तक स्वास्थ्य सेवाएं पहुंचे, लेकिन यहां हालात बिल्कुल विपरीत हैं। अगर हेल्थ सेंटर समय से बन गया होता तो गांव के लोगों को इलाज के लिए भटकना न पड़ता।”

ग्रामीणों की डीएम से गुहार, जल्द पूरा हो निर्माण

ग्रामीणों ने एक सुर में जिलाधिकारी से इस अधूरे निर्माण की जांच और कार्य पूर्ण कराने की मांग की है। उनका कहना है कि यदि जल्द कदम न उठाया गया तो यह भवन पूरी तरह से जर्जर होकर कबाड़ बन जाएगा और वर्षों की उम्मीदें धूल में मिल जाएंगी।

प्रशासनिक उदासीनता या भ्रष्टाचार की भेंट चढ़ी योजना?

यह सवाल अब हर ग्रामीण के दिल में घर कर गया है। शासन की योजनाएं आखिर कब तक लापरवाही और ठेकेदारी तंत्र की भेंट चढ़ती रहेंगी? स्वास्थ्य जैसी बुनियादी सुविधा से वंचित कैथी गांव के लोगों की निगाहें अब प्रशासन पर टिकी हैं।

अब देखना यह है कि जिलाधिकारी इस गंभीर मसले पर क्या कदम उठाते हैं और क्या कैथी गांव को कभी एक पूर्ण स्वास्थ्य केंद्र की सुविधा मिल पाएगी या नहीं?

क्या बोले जिम्मेदार

इस बाबत एक्सईएन राजेश कुमार ने बताया कि यह प्रकरण मेरी जानकारी में नही है। मैं चेक करवाता हूँ कि कैथी में क्या था। हो सकता है स्वास्थ्य विभाग के माध्यम से पीडब्ल्यूडी कार्यदायी संस्था रही हो। जांचकर नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।