चंदौली में नकली नोट गिरोह का पर्दाफाश, असली नोट के बीच चूरन नोट रखकर करते थे ठगी, चार गिरफ्तार

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चंदौली में नकली नोट गिरोह का पर्दाफाश, असली नोट के बीच चूरन नोट रखकर करते थे ठगी, चार गिरफ्तार

चंदौली : बलुआ थाना पुलिस ने नकली नोट के जरिए ठगी करने वाले एक शातिर गिरोह का भंडाफोड़ करते हुए चार आरोपियों को गिरफ्तार किया है। यह गिरोह बेहद चालाकी से असली नोटों के बीच चूरन वाले नकली नोट छिपाकर लोगों को गड्डी के रूप में थमाता था और विश्वास में लेकर फरार हो जाता था। पुलिस ने इनके पास से भारी मात्रा में नकली नोट, असली नकदी, मोबाइल और दो बाइक बरामद की हैं। पुलिस अधीक्षक आदित्य लांग्हे के निर्देश पर चलाए जा रहे विशेष चेकिंग अभियान के तहत यह कार्रवाई मंगलवार को बलुआ थाना प्रभारी डॉ. आशीष कुमार मिश्रा के नेतृत्व में की गई।

मुखबिर की सूचना बनी कार्रवाई की नींव

थाना बलुआ क्षेत्र के रमौली गांव के पास गश्त के दौरान पुलिस को मुखबिर से सूचना मिली कि कुछ संदिग्ध युवक नकली नोटों के साथ टेढ़ी पुलिया नहर की ओर जा रहे हैं। सूचना मिलते ही पुलिस ने घेराबंदी कर दो बाइक पर सवार चार युवकों को धर दबोचा। पूछताछ में उन्होंने ठगी की साजिश का खुलासा किया।

गिरफ्त में आए शातिर ठग

गिरफ्तार आरोपियों की पहचान अरविंद राजभर, निवासी सराय, थाना देवगांव, आजमगढ़ (40 वर्ष), सरताज आलम, निवासी धानापुर, चंदौली (42 वर्ष), पवन यादव, निवासी सिपांवां मुस्तफाबाद, थाना सैदपुर, गाजीपुर (25 वर्ष), अब्दुल बुरूज, निवासी काजी सहदुल्लापुर, थाना जैतपुरा, वाराणसी (30 वर्ष) के रूप में हुई। इनके पास से ₹200 की 58 गड्डी चूरन वाली नकली नोटें, ₹200 की 4 गड्डी असली नोट, 4 एंड्रॉयड मोबाइल फोन और 2 मोटरसाइकिल (UP65BP6629 व UP65FC3280) बरामद हुईं।

ठगी का तरीका भी था बेहद शातिर

पूछताछ में आरोपियों ने बताया कि वे पहले ग्राहक को कुछ असली नोट देकर भरोसा जीतते थे। फिर गड्डी में ऊपर-नीचे असली नोट रखकर बीच में चूरन वाले नकली नोट भर देते थे। पूरी गड्डी को पारदर्शी टेप से सील कर देते थे ताकि सामने वाला उसे खोल न सके और जल्दबाज़ी में विश्वास कर ले। ठगी के हर सौदे पर उन्हें 30% कमीशन मिलता था।

पुलिस टीम को मिली सराहना

इस सफल कार्रवाई को अंजाम देने वाली पुलिस टीम में डॉ. आशीष कुमार मिश्रा (प्रभारी निरीक्षक), अमित कुमार मिश्रा (उपनिरीक्षक, चौकी प्रभारी मोहरगंज), अमित सिंह (उपनिरीक्षक, चौकी प्रभारी मारूफपुर), हेड कांस्टेबल उपेंद्र सिंह, कांस्टेबल रमेश चौहान और अल्ताफ अहमद शामिल रहे। पुलिस अधीक्षक ने टीम को इस सफलता के लिए सराहना दी है।

पुलिस ने आरोपियों के खिलाफ ठगी और नकली नोटों से संबंधित धाराओं में मुकदमा दर्ज कर आगे की विधिक कार्रवाई शुरू कर दी है। पुलिस अब गिरोह के अन्य सदस्यों और नेटवर्क की भी जांच कर रही है।