समाधान दिवस में 117 मामलों में सुनवाई, दर्जनों को मिली त्वरित राहत
चंदौली : जनता की समस्याओं को प्राथमिकता देते हुए चंदौली जिला प्रशासन ने एक बार फिर प्रशासनिक गंभीरता और संवेदनशीलता का परिचय दिया। जिलाधिकारी चन्द्र मोहन गर्ग के स्पष्ट निर्देशों के अनुपालन में शनिवार को पीडीडीयू नगर तहसील सभागार में जिला स्तरीय संपूर्ण समाधान दिवस का आयोजन किया गया। इस कार्यक्रम की अध्यक्षता उपजिलाधिकारी अनुपम मिश्रा ने की, जिनकी निगरानी में जनसुनवाई का यह सत्र पूर्ण रूप से प्रभावशाली और व्यवस्थित रहा।
समस्याओं पर तत्काल कार्रवाई की मिसाल
इस समाधान दिवस में 117 प्रार्थना पत्रों की सुनवाई की गई, जिनमें से लगभग एक दर्जन मामलों का निस्तारण मौके पर ही कर दिया गया। यह दर्शाता है कि जिला प्रशासन केवल शिकायतें सुनने तक सीमित नहीं है, बल्कि उन्हें तत्काल समाधान की दिशा में ठोस कार्यवाही कर रहा है। उपस्थित नागरिकों ने अधिकारियों की तत्परता की खुले दिल से सराहना की और कहा कि उन्हें पहली बार लगा कि शासन-प्रशासन उनकी समस्याओं को गंभीरता से सुन रहा है।
प्रत्येक विभाग को सौंपे गए दायित्व
उपजिलाधिकारी अनुपम मिश्रा ने इस अवसर पर उपस्थित सभी विभागीय अधिकारियों को निर्देशित किया कि वे प्राप्त शिकायती पत्रों का न केवल समयबद्ध, बल्कि गुणवत्तापूर्ण और संतोषजनक निस्तारण सुनिश्चित करें। उन्होंने यह भी कहा कि ऐसे समाधान दिवस केवल औपचारिकता नहीं, बल्कि जनता और प्रशासन के बीच संवाद का सशक्त माध्यम हैं, और इनका लाभ वास्तविक रूप से आम जनता को मिलना चाहिए।
वरिष्ठ अधिकारियों की उपस्थिति से बढ़ा भरोसा
कार्यक्रम में विभिन्न विभागों के वरिष्ठ अधिकारी जिनमें विशेष रूप से मुख्य चिकित्साधिकारी, परियोजना निदेशक, डीआरडीए, क्षेत्राधिकारी पुलिस, डीसी मनरेगा, जिला पूर्ति अधिकारी, जिला दिव्यांगजन सशक्तिकरण अधिकारी, जिला समाज कल्याण अधिकारी, अधिशासी अभियंता, विद्युत विभाग, तहसीलदार एवं नायब तहसीलदार, खंड विकास अधिकारी,थानाध्यक्ष सहित अन्य संबंधित अधिकारीउपस्थित रहे।
इन सभी अधिकारियों ने मौके पर मौजूद फरियादियों की समस्याओं को गंभीरतापूर्वक सुना और निस्तारण के लिए त्वरित निर्देश भी दिए।
जनता को मिली आवाज, प्रशासन को मिला विश्वास
संपूर्ण समाधान दिवस के आयोजन से न केवल जनता को अपनी समस्याएं सीधे प्रशासनिक अफसरों तक पहुंचाने का अवसर मिला, बल्कि यह भी स्पष्ट हुआ कि प्रशासन जनहित में पूर्ण रूप से सजग और संवेदनशील है।
समाधान दिवस में भाग लेने वाले ग्रामीणों, महिलाओं, दिव्यांगजन व वरिष्ठ नागरिकों ने कहा कि यदि इसी प्रकार सुनवाई और समाधान की प्रक्रिया निरंतर चलती रही, तो लोगों का प्रशासन पर विश्वास और भी मजबूत होगा।
इस अवसर पर कुछ ऐसे प्रकरण भी सामने आए जिन्हें वर्षों से अनदेखा किया गया था, लेकिन इस समाधान दिवस में उन पर त्वरित कार्यवाही हुई। यह साबित करता है कि यदि इच्छाशक्ति हो, तो व्यवस्था को आमजन के हित में पूरी तरह गतिशील और जवाबदेह बनाया जा सकता है।


















