अंतरराष्ट्रीय योग दिवस पर खण्डवारी कॉलेज में हुआ भव्य आयोजन, छात्रों में दिखा उत्साह
चंदौली : अंतरराष्ट्रीय योग दिवस के पावन अवसर पर चहनियां स्थित मां खण्डवारी महिला पी.जी. कॉलेज के सभागार में एक भव्य और प्रेरणादायक योग कार्यक्रम का आयोजन किया गया, जिसमें शिक्षा संकाय के छात्र-छात्राओं के साथ-साथ कॉलेज स्टाफ, खण्डवारी देवी इंटर कॉलेज एवं खण्डवारी देवी नशा निवारण केंद्र के कर्मचारियों ने पूरे उत्साह और श्रद्धा के साथ सहभागिता निभाई।कार्यक्रम की शुरुआत भारतीय परंपरा के अनुरूप मंगलाचरण और सरस्वती वंदना के मधुर स्वरों के साथ हुई, जिसने वातावरण को आध्यात्मिक ऊर्जा से भर दिया। इसके उपरांत योग प्रशिक्षक अवधेश मिश्रा ने मंच संभालते हुए सभी प्रतिभागियों को योग की महत्ता, उसकी वैज्ञानिकता और जीवन में उसकी आवश्यकता पर प्रकाश डाला।
उन्होंने उपस्थितजनों को सबसे पहले वॉर्म-अप एक्सरसाइज़ करवाई, फिर विधिवत सूर्य नमस्कार के साथ-साथ भस्त्रिका, कपालभाति, अनुलोम-विलोम, भ्रामरी जैसे महत्वपूर्ण प्राणायामों का अभ्यास करवाया। अवधेश मिश्रा ने न केवल योगाभ्यास की विस्तृत विधियाँ बताईं, बल्कि उन्हें सजीव रूप से प्रदर्शित करके सभी प्रतिभागियों को सहजता से अभ्यास में सहभागी बनने के लिए प्रेरित भी किया। उनके नेतृत्व में पूरा सभागार अनुशासन और ऊर्जा से ओतप्रोत योग साधना स्थल में परिवर्तित हो गया।
इस अवसर पर मां खण्डवारी ग्रुप के प्रबंध निदेशक आशुतोष कुमार सिंह ने प्रतिभागियों को संबोधित करते हुए कहा कि “आज का समय अनेक प्रकार की शारीरिक और मानसिक बीमारियों का है। ऐसे में योग और प्राणायाम हमारी जीवनशैली का हिस्सा बनकर हमें न केवल स्वस्थ, बल्कि आत्मिक रूप से भी सशक्त बना सकते हैं। भारतवर्ष की यह अमूल्य धरोहर आज संपूर्ण विश्व में अपनाई जा रही है, जो गर्व का विषय है। हमें इसे केवल दिवस विशेष तक सीमित न रखकर अपने दैनिक जीवन में आत्मसात करना चाहिए।”
कार्यक्रम में कॉलेज निदेशक अवनीश कुमार सिंह, वरिष्ठ मार्गदर्शक सच्चिदानंद सिंह, डॉ. राधाकांत पाठक, शिक्षा संकाय प्रमुख नवनीत तिवारी, संतोष सिंह, अमरजीत यादव, लवकुश पाण्डेय, सरफराज अहमद, अखिल पाण्डेय, विनोद सिंह समेत सभी प्रवक्तागण एवं स्टाफ सदस्य उपस्थित रहे।
पूरे आयोजन के दौरान विद्यार्थियों में अद्भुत ऊर्जा, अनुशासन और सकारात्मकता का संचार देखने को मिला। कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य योग को जन-जन तक पहुँचाना और विद्यार्थियों को मानसिक, शारीरिक एवं आध्यात्मिक रूप से सशक्त बनाना था। कार्यक्रम के अंत में प्रतिभागियों ने यह संकल्प लिया कि वे नियमित रूप से योग करेंगे और अपने आसपास के लोगों को भी इसके लिए प्रेरित करेंगे।
इस भव्य आयोजन ने यह स्पष्ट किया कि यदि युवाओं में योग के प्रति जागरूकता लाई जाए तो वह न केवल स्वयं को बेहतर बना सकते हैं, बल्कि समाज को भी एक नई दिशा दे सकते हैं।


















