बलुआ घाट पर जगमगाई देव दीपावली, 21 हजार दीपों की लौ से गंगा किनारा हुआ आलोकित

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बलुआ घाट पर जगमगाई देव दीपावली, 21 हजार दीपों की लौ से गंगा किनारा हुआ आलोकित

चंदौली : कार्तिक मास के शुक्ल पक्ष की पूर्णिमा तिथि पर बुधवार की शाम जिलेभर में देव दीपावली बड़े ही हर्षोल्लास और धार्मिक श्रद्धा के साथ मनाई गई। पश्चिम वाहिनी मां गंगा के पावन तट बलुआ घाट पर आयोजित देव दीपावली गंगा महोत्सव में दीपों की अपार रौशनी से सारा घाट स्वर्गिक आभा से दमक उठा। मानो धरती पर देवताओं का अवतरण हो गया हो। हजारों श्रद्धालुओं की उपस्थिति में हुआ यह दीपोत्सव लोगों के लिए अविस्मरणीय बन गया।

कार्यक्रम का शुभारंभ बतौर मुख्य अतिथि पूर्व केंद्रीय मंत्री (भारत सरकार) डॉ. महेंद्र नाथ पाण्डेय ने ब्राह्मणों द्वारा वैदिक मंत्रोच्चारण के बीच मां गंगा को दीपदान कर किया। इसके पूर्व घाट और बलुआ बाजार को आकर्षक रूप से दुल्हन की तरह सजाया गया था। घाट पर विशेष लाइटिंग और सजावट ऐसी कि देखने वाले देर तक निहारते रह गए। गंगा सेवा समिति के तत्वावधान में 21 हजार दीपों की लौ ने संपूर्ण वातावरण को पवित्र और दिव्य बना दिया।

महाआरती ने मोहा मन

छोटे-छोटे बटुकों द्वारा की गई भव्य गंगा महाआरती कार्यक्रम की मुख्य आकर्षण रही। लगभग एक घंटे तक चली इस आरती में ढोल-नगाड़ों व शंखनाद से पूरा घाट अद्भुत आध्यात्मिक ऊर्जा से भर उठा। आरती के दौरान लोग भाव-विभोर होकर “हर-हर गंगे” और “जय मां गंगे” के जयघोष करते रहे।

मुख्य अतिथि का संबोधन

अपने संबोधन में डॉ. महेंद्र नाथ पाण्डेय ने कहा “कार्तिक पूर्णिमा का पावन दिन देवताओं की धरती पर उपस्थिति का प्रतीक है। पश्चिम वाहिनी गंगा तट का विशेष महत्व है। आज इस घाट पर देव दीपावली मनाना मेरा सौभाग्य है। इस घाट को निर्मित कराने का अवसर मिला, यह मेरे लिए गर्व की बात है। मां गंगा हमारी आस्था का केंद्र हैं। हम सबका दायित्व है कि गंगा को अविरल और निर्मल बनाए रखें।” उन्होंने आयोजन समिति के अध्यक्ष दीपक जायसवाल, संचालक अरविंद पाण्डेय तथा उनकी टीम को भव्य आयोजन के लिए बधाई दी।

सांस्कृतिक कार्यक्रमों ने बांधा समां

दूर-दराज से आए कलाकारों ने सुंदर भजन व सांस्कृतिक प्रस्तुतियां दीं, जिससे पूरी रात भक्ति रस से सरोबार रही। घाट पर मौजूद श्रद्धालु देर रात तक गंगा दर्शन व दीपदान करते रहे।

सुरक्षा व्यवस्था रही सख्त

कार्यक्रम के दौरान बलुआ थाना अध्यक्ष अतुल कुमार के नेतृत्व में सुरक्षा व्यवस्था पूरी तरह चुस्त-दुरुस्त रही। पुलिस एवं स्वयंसेवकों ने भारी भीड़ को व्यवस्थित रखने में अहम भूमिका निभाई।

अतिथियों का सम्मान

आयोजक समिति की ओर से मुख्य अतिथि व अन्य विशिष्ट अतिथियों को अंगवस्त्र और स्मृति चिन्ह देकर सम्मानित किया गया।

ये रहे उपस्थित

पूर्व जिला जज मनोज सिंह, सुरेंद्र सिंह, प्रमुख अरुण जायसवाल, बनवारी पाण्डेय, डॉ. अजय सिंह, योगेंद्र मिश्रा, बीरेन्द्र तिवारी, अनिल सिंह, राजेश सिंह, प्रधान आशुतोष सिंह, राजेन्द्र पाण्डेय, संकठा राजभर, राकेश जायसवाल, एड. जगदीश सिंह, अभिमन्यु मिश्रा, जुगनू पासवान सहित बड़ी संख्या में श्रद्धालु और गणमान्य लोग उपस्थित रहे। अध्यक्षता सर्वेश कुशवाहा ने की, स्वागत भाषण अध्यक्ष दीपक जायसवाल ने दिया तथा संचालन अरविंद पाण्डेय द्वारा किया गया।

निष्कर्ष

देव दीपावली पर बलुआ घाट की यह दिव्य छटा न केवल धार्मिक आस्था का प्रतीक बनी, बल्कि सामाजिक सहभागिता और सांस्कृतिक समन्वय का संदेश भी दे गई। 21 हजार दीपों की प्रकाश धारा ने जहां मां गंगा तट को स्वर्गिक रूप से आलोकित किया, वहीं भक्तों के उत्साह और श्रद्धा ने इस आयोजन को अविस्मरणीय बना दिया। गंगा सेवा समिति और स्थानीय लोगों के संयुक्त प्रयास से बलुआ घाट पर आयोजित यह दीपोत्सव आने वाली पीढ़ियों के लिए भी प्रेरणा का स्रोत रहेगा। यह केवल पर्व नहीं, बल्कि हमारी परंपरा, संस्कृति और आस्था का गौरवपूर्ण उत्सव है।