मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ का चंदौली दौरा, कलेक्ट्रेट में किया वृक्षारोपण, विकास कार्यों की कर रहे समीक्षा
चंदौली : प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ गुरुवार को चंदौली जिले के दौरे पर पहुंचे। उनका हेलीकॉप्टर निर्धारित समय पर जगदीशसराय हेलिपैड पर उतरा, जहां प्रशासनिक अधिकारियों और भाजपा कार्यकर्ताओं ने उनका भव्य स्वागत किया। इसके बाद सीएम का काफिला कड़े सुरक्षा इंतजामों के बीच सीधे कलेक्ट्रेट परिसर पहुंचा।
सीएम योगी ने किया वृक्षारोपण, दिया पर्यावरण संरक्षण का संदेश
कलेक्ट्रेट में मुख्यमंत्री ने सबसे पहले हरियाली को बढ़ावा देने के उद्देश्य से वृक्षारोपण किया। पर्यावरण संरक्षण का संदेश देते हुए उन्होंने स्वयं पौधरोपण कर लोगों को इससे जुड़ने की प्रेरणा दी। वृक्षारोपण कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री ने कहा कि “हरित प्रदेश के निर्माण के लिए हम सभी को मिलकर प्रयास करना होगा। एक-एक पौधा पर्यावरण और जीवन दोनों के लिए अमूल्य है।”
योजनाओं की प्रगति और कानून व्यवस्था पर चर्चा
वृक्षारोपण के पश्चात मुख्यमंत्री ने जनप्रतिनिधियों और जिले के उच्च अधिकारियों के साथ एक अहम समीक्षा बैठक की। इस बैठक में जिले में चल रहे विकास कार्यों की प्रगति, कानून व्यवस्था, जनकल्याणकारी योजनाओं की स्थिति और आगामी परियोजनाओं की रूपरेखा पर विस्तार से चर्चा की गई।
बैठक में भारतीय जनता पार्टी के कई वरिष्ठ नेता और जनप्रतिनिधि, वरिष्ठ अधिकारी भी मौजूद रहे। इनमें भाजपा जिलाध्यक्ष काशीनाथ सिंह, पूर्व जिलाध्यक्ष अभिमन्यु सिंह, सांसद दर्शना सिंह, सांसद साधना सिंह, विधायक सुशील सिंह, विधायक कैलाश खरवार, वरिष्ठ नेता सूर्यमुनी तिवारी, ब्लॉक प्रमुख अजय सिंह, अरुण जायसवाल और राणा सिंह समेत अन्य गणमान्य लोग शामिल रहे।
मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि जनता से जुड़ी समस्याओं का त्वरित समाधान सुनिश्चित किया जाए और विकास कार्यों में पारदर्शिता एवं गुणवत्ता का विशेष ध्यान रखा जाए। उन्होंने यह भी कहा कि प्रदेश सरकार की योजनाओं का लाभ अंतिम पंक्ति तक खड़े व्यक्ति तक पहुंचे, यही हमारी प्राथमिकता है।
सीएम के इस दौरे को राजनीतिक दृष्टिकोण से भी काफी अहम माना जा रहा है, क्योंकि यह दौरा न केवल प्रशासनिक सक्रियता बढ़ा रहा है बल्कि जिले में पार्टी कार्यकर्ताओं में भी नए उत्साह का संचार कर रहा है।
मुख्यमंत्री के दौरे से जिलेवासियों को विकास की दिशा में नई उम्मीदें मिली हैं और यह अपेक्षा की जा रही है कि इसके सकारात्मक परिणाम जल्द ही जमीनी स्तर पर देखने को मिलेंगे।


















