चंदौली में भीषण सड़क हादसा, डीसीएम और एलपीजी टैंकर की आमने-सामने भिड़ंत, दोनों चालक गंभीर रूप से घायल
चंदौली : जिले के अलीनगर थाना क्षेत्र अंतर्गत जंसो की मड़ई स्थित क्षेत्रीय परिवहन कार्यालय (एआरटीओ) के समीप रविवार की सुबह उस समय अफरा-तफरी मच गई, जब हाईवे पर तेज रफ्तार डीसीएम और एलपीजी सिलेंडर से लदा भारी टैंकर आमने-सामने टकरा गए। हादसा इतना जबरदस्त था कि दोनों वाहनों के अगले हिस्से चकनाचूर हो गए और चालक अपनी-अपनी केबिन में बुरी तरह फंसकर गंभीर रूप से घायल हो गए।
तेज आवाज से दहशत, मौके पर जुटी भीड़
प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, टक्कर की आवाज इतनी तेज थी कि आसपास के क्षेत्र में दहशत फैल गई। चंद पलों में ही घटनास्थल पर लोगों की भीड़ जमा हो गई। किसी ने तत्काल इसकी सूचना स्थानीय पुलिस को दी। मौके पर अलीनगर थाने की टीम और फायर ब्रिगेड कर्मी पहुंचे और तत्काल रेस्क्यू अभियान शुरू किया।
कड़ी मशक्कत के बाद घायल चालकों को निकाला गया बाहर
दोनों वाहन बुरी तरह फंस चुके थे, जिससे घायलों को निकालना चुनौतीपूर्ण साबित हुआ। कटर मशीन और भारी उपकरणों की मदद से करीब आधे घंटे की मशक्कत के बाद दोनों चालकों को बाहर निकाला गया। दोनों की हालत गंभीर बताई जा रही है। उन्हें जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां उनका इलाज चल रहा है।
कुछ देर के लिए ठप रहा यातायात, फिर बहाल
हादसे के चलते राष्ट्रीय राजमार्ग पर कुछ समय तक यातायात पूरी तरह ठप हो गया। दोनों वाहनों के बीच हुए टकराव ने मार्ग को अवरुद्ध कर दिया था, जिससे वाहनों की लंबी कतारें लग गईं। पुलिस ने जेसीबी और क्रेन की मदद से दुर्घटनाग्रस्त वाहनों को हटवाया और यातायात को पुनः सुचारु कराया।
पुलिस जांच में जुटी, हादसे के कारणों की पड़ताल
पुलिस ने दोनों वाहनों को कब्जे में लेकर मामले की जांच शुरू कर दी है। प्रारंभिक जांच में ओवरटेक या तेज गति को हादसे का संभावित कारण माना जा रहा है, लेकिन स्पष्ट कारणों की पुष्टि जांच के बाद ही हो पाएगी।
स्थानीय लोगों में भय और प्रशासन से सुरक्षा की मांग
घटनास्थल पर मौजूद स्थानीय लोगों ने बताया कि उक्त स्थान पर पहले भी कई बार हादसे हो चुके हैं। लोगों ने प्रशासन से वहां स्पीड कंट्रोल के लिए रंबल स्ट्रिप्स या बैरिकेडिंग लगाने की मांग की है, ताकि भविष्य में ऐसे हादसों से बचा जा सके।
यह हादसा एक बार फिर हाईवे पर तेज रफ्तार और लापरवाही से ड्राइविंग की गंभीरता को उजागर करता है। ऐसे में जरूरीद है कि प्रशासन, परिवहन विभाग और वाहन चालक सभी सतर्कता और नियमों का पालन करें, ताकि सड़कों को सुरक्षित बनाया जा सके।


















