भोका बंधी के जर्जर गेटों का किसान विकास मंच ने किया निरीक्षण, नई मरम्मत नहीं हुई तो आंदोलन की चेतावनी

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भोका बंधी के जर्जर गेटों का किसान विकास मंच ने किया निरीक्षण, नई मरम्मत नहीं हुई तो आंदोलन की चेतावनी

चंदौली : चकिया के शिकारगंज क्षेत्र स्थित भोका बंधी के जर्जर गेटों और खराब संरचना को लेकर किसान विकास मंच के कार्यकर्ताओं ने मंगलवार को बंधी स्थल का निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान कार्यकर्ताओं ने बंधी के अंदर जाकर गेटों और दीवारों की स्थिति का जायजा लिया, जहां कई गंभीर खामियां सामने आईं। कार्यकर्ताओं का कहना है कि बंधी की अंदरूनी दीवारें पूरी तरह जर्जर हो चुकी हैं और चारों गेटों के पटरे भी अत्यंत खराब हालत में हैं, जिससे किसानों के सामने सिंचाई का संकट लगातार गहराता जा रहा है।

किसान विकास मंच के नेता सरोज कुमार यादव ने बताया कि भोका बंधी के गेटों का निर्माण वर्ष 1954 में हुआ था और तब से अब तक इसकी समुचित मरम्मत या पुनर्निर्माण नहीं कराया गया। उन्होंने आरोप लगाया कि इस संबंध में कई बार बंधी डिवीजन के अधिकारियों से शिकायत की गई, लेकिन केवल आश्वासन ही मिला।

सरोज कुमार ने बताया कि बंधी डिवीजन के सहायक अभियंता द्वारा दीवारों की मरम्मत कराने की बात कही गई है, लेकिन यह समस्या का स्थायी समाधान नहीं है। उनका कहना है कि बंधी का पानी गेटों की मरम्मत के नाम पर बहाया जा रहा है, जिससे किसानों को धान की रोपाई के समय भारी जल संकट का सामना करना पड़ सकता है।

उन्होंने यह भी कहा कि पिछले वर्ष भी बंधी की आधी-अधूरी मरम्मत कराई गई थी, जिसका कोई लाभ किसानों को नहीं मिला। गेट नंबर तीन पूरी तरह बंद नहीं हो पा रहा था, जिससे खेतों में पानी प्रबंधन बिगड़ गया और किसानों को धान की कटाई तथा गेहूं की बुआई में भारी नुकसान उठाना पड़ा।

किसान विकास मंच ने मांग की है कि केवल मरम्मत के नाम पर खानापूर्ति करने के बजाय बंधी की पूरी खुदाई कर नई जोड़ाई की जाए और सभी पुराने चैनल गेट हटाकर नए गेट लगाए जाएं। संगठन ने चेतावनी दी है कि यदि जल्द ठोस कार्रवाई नहीं की गई तो किसान जिलाधिकारी के समक्ष कलेक्ट्रेट में बंधी डिवीजन के खिलाफ बड़ा आंदोलन करेंगे।

निरीक्षण के दौरान सुनील पटेल, प्रदीप सिंह, प्रवीण यादव और अरविंद यादव सहित अन्य कार्यकर्ता मौजूद रहे।