सिस्टम और अधिकारीयों से नाराज महिला ने तहसील दिवस में तेल छिड़ककर आत्महत्या की कोशिश, जिलाधिकारी ने तुरंत राजस्व टीम को भेजकर महिला की ज़मीन को कराया कब्ज़ामुक्त

चंदौली : सिस्टम और अधिकारी किसी को कितना परेशान कर सकते हैँ जिसकी बानगी चंदौली जिले के मुग़लसराय के बिलारीडीह तहसील दिवस में देखने मिली. तहसील में आयोजित समाधान दिवस में 35 वर्षीय महिला ने पट्टा की जमीन पर कब्जा से क्षुब्ध होकर जिलाधिकारी के सामने ही खुद पर डीजल छिड़ककर आत्मदाह की कोशिश की. हालांकि समय रहते उसे रोक लिया गया. घटना से अधिकारियों के हाथ-पांव फूल गए. डीएम के आदेश पर एसडीएम, सीओ सहित राजस्व और पुलिस विभाग की टीम मौके पर पहुंची और कब्जा हटवाया. महिला का आरोप है कि क्षेत्रीय लेखपाल और नायब तहसीलदार ने विरोधी से पैसे लेकर उसके जमीन पर कब्जा दिलवाया. दर्जनों प्रार्थना पत्र देने के बाद भी न तो एसडीएम और ना ही तहसीलदार उसकी फरियाद सुन रहे थे. आज भी जब वह समाधान दिवस में पहुंची तब नायब तहसीलदार ने उसे भगाने का प्रयास किया. मधु नाम की महिला जो पिछले दो साल से थाना, तहसील और अधिकारियो के कार्यालय पहुंचकर विपक्षी द्वारा कब्जा की गई अपने ज़मीन को खाली कराने के उद्देश्य से चक्कर लगाने से ऊब चुकी थी. अब थकी हारी महिला ने आज आत्मघाती कदम उठाने की कोशिश की. महिला ने अपने ऊपर डीजल छिड़ककर आत्महत्या की कोशिश की. हालंकि समय रहते उसे रोक लिया गया. अन्यथा कोई बड़ी घटना घट सकती थी.

अलीनगर थाना क्षेत्र के भरछा तलपरा निवासी 35 वर्षीय मधु बिंद का आरोप है कि उससे ससुर को लगभग 45 वर्ष पहले आठ बिस्वा पट्टा की जमीन मिली है जिसपर वह खेती काम काम करती है. परिवार के भरण-पोषण का यही आधार है. उसकी जमीन से सटा काश्तकार जो दबंग किस्म का व्यक्ति है. उसने जमीन पर कब्जा करने के साथ ही पक्का निर्माण कर रास्ता अवरुद्ध कर दिया था. कब्जा हटवाने के लिए मधु पिछले दो वर्षों से तहसील कार्यालय का चक्कर काट रही थी. एसडीएम से लेकर तहसीलदार और नायब तहसीलदार तक से गुहार लगाई लेकिन किसी ने उसकी मदद नहीं की. महिला का आरोप है कि 50 से ज़्यादा बार अप्लीकेशन देने के बाद भी उसकी सुनवाई नहीं हुई. यहाँ तक कि महिला मुख्यमंत्री जी के जनता दरबार में भी गई. लेकिन वहाँ मुख्यमंत्री से मुलाक़ात नहीं हो पाई. महिला वहां अपनी शिकायत दर्ज कराकर वापस घर चली आई. आरोप है कि उसमें लेखपाल ने गलत रिपोर्ट लगाकर अपना पल्ला झाड़ लिया. महिला का आरोप है कि राजस्व टीम में शामिल लेखपाल वीरेंद्र यादव और नायब उसको परेशान करते रहे. लेकिन कोई कार्यवाही नहीं किए. तब जाकर उसने आत्मघाती कदम उठाने की सोची. लेकिन आज ज़ब ऐसा किया तो जिलाधिकारी ने तुरंत टीम भेजकर उसकी ज़मीन को खाली कराया. जिलाधिकारी ने कहा जाँच कराकर दोषियों के विरुद्ध कार्यवाही की जाएगी.

इस बाबत जिलाधिकारी निखिल टी. फुंडे ने बताया कि बहुत खेद का विषय है जो ऐसा प्रकरण देखने को सामने आया. हालांकि मैं इसे आत्मदाह नहीं कहूंगा, यह एक प्रयास था. हालांकि वहां पर उपस्थित पुलिस और आलाधिकारियों ने सूझ-बूझ दिखाई और महिला को समझाया गया. तत्काल हमलोगों ने मामले की जांच वहाँ पर की. जहां समझ मे आया कि इस महिला ने पूर्व में भी प्रार्थना पत्र दिए है. और उस पर स्वयं मेरे द्वारा और एसडीएम द्वारा पृष्ठांकित किया गया है कि आवश्यक कार्रवाई कर इसमें जो भी समाधान किया जाना है वह समाधान किया जाय. परन्तु उसके बाउजूद भी प्रकरण में समाधान नही हुआ था. इसलिए महिला परेशान होकर तहसील दिवस में उपस्थित हुई. बहरहाल उसी समय हमनें जांच के लिए एसडीएम और सीओ को मौके पर भेजा. मौके पर जाने पर टीम ने पाया कि जो महिला है उसके विपक्षी द्वारा आने जाने वाले रास्ते को दीवाल बनाकर बन्द कर दिया गया था. जहां तत्काल उसे हटाते हुए रास्ते को रिस्टोर किया गया. इसमें महिला द्वारा हमारे कुछ राजस्व के लोगों पर लगाये गए है. जिसके बारे में जांच करने हेतु एसडीएम को बताया गया है. उसकी रिपोर्ट भी वह सौपेंगे. और रिपोर्ट आने पर यदि लापरवाही पाई जाती है या किसी को गलत तरीके से फेवर करने के बारे में पाया जाता है तो सम्बन्धित व्यक्ति के विरुद्ध कड़ी कार्रवाई की जाएगी.


















