28 घण्टे गुल रही क्षेत्र की बिजली, उपभोक्ता रहे परेशान

चंदौली : चहनियां, सुरतापुर और मारूफपुर विद्युत उपकेंद्र से जुड़ी क्षेत्र की बिजली 28 घण्टे बाद सुचारू रूप से बहाल हो पाई. बिजली न रहने के कारण उपभोक्ताओं को पेयजल के संकट से भी जूझना पड़ा. हालांकि बारिश होने की वजह से लोंगो को गर्मी की मार को नही झेलना पड़ा.

शनिवार से शुरू हुई बारिश और आँधी का असर बिजली और पेयजल आपूर्ति पर भी पूर्णरूप से पड़ा है. कही हाई बोल्टेज तार पर पेड़ गिरने तो कहीं इंसुलेटर फेल होने से सप्लाई बाधित रही. रविवार की सुबह बिजली कर्मचारियों के अथक प्रयास के बाद बिजली सुचारू रूप से बहाल हो पाई. तीनों विद्युत उपकेंद्र से चहनियां कस्बा, बलुआ, रमौली सुरतापुर, इटवां, प्रभुपुर, भलेहटा, टांडा कलां, महुअर, मजिदहा, मथेला, तारगांव चकिया, कांवर, रामगढ़, गुरेरा सहित दर्जनों गांवों को बिजली सप्लाई होती है. जो शनिवार की सुबह 7:00 से ही सप्लाई गायब रही.

सुबह 7:00 बजे मोहरगंज में पेड़ गिरने व बनाने और दिन में सायं 3:00 बजे से 7:00 बजे तक शेड्यूल की कटौती के बाद शाम को जैसे ही सप्लाई शुरू हुई आंधी और बारिश की वजह से सेवई के पूरा में मुख्य मार्ग पर 33 हजार हाई वोल्टेज के तार पर पेड़ गिर गया. वही सीतापोखरी में इंसुलेटर पंक्चर होने के कारण बिजली पूरी रात गायब रही. सुबह 5:00 बजे से ही बिजली संविदा कर्मी तार पर गिरे पेड़ को हटाने के साथ युद्ध स्तर पर कार्य कर बिजली सप्लाई शुरू किया. शिवलाल जायसवाल, आलोक सिंह, आनंद सिंह, बृजेश यादव, राकेश कुमार, मिथिलेश पाण्डेय, रविकांत मौर्या, विमलेश, मनोज पाण्डेय आदि का कहना है कि सीतापोखरी से लेकर चहनियां तक बिना सर्वे किए ही मुख्य मार्ग पर पेड़ों के बीच में हाई वोल्टेज के तार को लगा दिया गया है. जब भी आंधी और बारिश होती है तो पेड़ो और डालियों के गिरने से बिजली व्यवस्था बाधित हो जाती है. जिसके कारण क्षेत्र की बिजली गुल हो जाती है. और बिजली के गायब होने से गर्मी के साथ पेयजल के संकट से भी जूझना पड़ता है.









