मकर संक्रांति-मौनी अमावस्या स्नान को लेकर प्रशासन अलर्ट, बलुआ गंगा तट पर प्रशासन ने कसी कमर
चंदौली : मकर संक्रांति और मौनी अमावस्या के पावन स्नान पर्व को लेकर प्रशासन पूरी तरह सतर्क और सक्रिय नजर आ रहा है। उपजिलाधिकारी कुंदन राज कपूर के निर्देश पर मंगलवार को बलुआ स्थित पश्चिम वाहिनी गंगा तट पर एक महत्वपूर्ण समन्वय बैठक का आयोजन किया गया। बैठक की अध्यक्षता तहसीलदार सकलडीहा संदीप श्रीवास्तव एवं क्षेत्राधिकारी सकलडीहा स्नेहा तिवारी ने की, जिसमें स्नान पर्व के दौरान श्रद्धालुओं की सुरक्षा, सुविधा और सुव्यवस्था को लेकर विस्तृत चर्चा की गई।
सभी विभागों को सौंपी गई स्पष्ट जिम्मेदारी
बैठक में पुलिस प्रशासन, राजस्व, स्वास्थ्य, पंचायत, बिजली, जलनिगम, पीडब्ल्यूडी, वन विभाग, सिंचाई विभाग सहित सभी संबंधित विभागों के अधिकारियों को आमंत्रित किया गया था। इस दौरान सभी विभागों को उनकी जिम्मेदारियां स्पष्ट रूप से सौंप दी गईं, ताकि पर्व के दौरान किसी भी प्रकार की अव्यवस्था उत्पन्न न हो।
वहीं पीडब्ल्यूडी विभाग को गंगा के भीतर और बाहर मजबूत बैरिकेटिंग लगाने की जिम्मेदारी सौंपी गई, ताकि स्नान के दौरान किसी प्रकार की दुर्घटना न हो। जिला पंचायत राज अधिकारी को घाटों और आसपास के क्षेत्रों में साफ-सफाई की समुचित व्यवस्था सुनिश्चित करने, खंड विकास अधिकारी को सीसीटीवी कैमरों की व्यवस्था कराने का निर्देश दिया गया। वन विभाग को ठंड को देखते हुए अलाव की व्यवस्था, स्वास्थ्य विभाग को एम्बुलेंस, प्राथमिक उपचार केंद्र, स्ट्रेचर और पर्याप्त मेडिकल स्टाफ की ड्यूटी लगाने के निर्देश दिए गए।
इसके अलावा जलनिगम विभाग को स्वच्छ पेयजल की व्यवस्था, बिजली विभाग को 15 से 18 जनवरी तक 24 घंटे निर्बाध विद्युत आपूर्ति सुनिश्चित करने को कहा गया। साथ ही सिंचाई विभाग, पूर्ति विभाग एवं अन्य विभागीय अधिकारियों को भी अपने-अपने दायित्वों के निर्वहन के लिए निर्देशित किया गया।
पुलिस, एंटी रोमियो, SDRF-NDRF रहे सतर्क और मुस्तैद
बैठक में निर्देश दिया गया कि गंगा स्नान के दौरान पुलिस प्रशासन, एंटी रोमियो स्क्वॉड, एसडीआरएफ और एनडीआरएफ की टीमें पूरी तरह मुस्तैद रहेंगी, ताकि भीड़ नियंत्रण के साथ किसी भी आपात स्थिति से तत्काल निपटा जा सके। जिला पंचायत को पर्याप्त प्रकाश व्यवस्था, महिला श्रद्धालुओं के लिए वस्त्र बदलने के कक्ष, खोया-पाया केंद्र और रैन बसेरा की व्यवस्था सुनिश्चित करने का निर्देश दिया गया।
लापरवाही पर जिम्मेदार होंगे संबंधित विभागीय अधिकारी
बैठक के दौरान क्षेत्राधिकारी स्नेहा तिवारी ने स्पष्ट शब्दों में कहा कि मकर संक्रांति और मौनी अमावस्या के स्नान पर्व पर श्रद्धालुओं को किसी भी प्रकार की असुविधा नहीं होनी चाहिए। यदि किसी भी स्तर पर लापरवाही सामने आती है, तो संबंधित विभागीय अधिकारी स्वयं जिम्मेदार होंगे। उन्होंने गंगा सेवा समिति के अध्यक्ष दीपक जायसवाल से वालेंटियरों की तैनाती और अन्य व्यवस्थाओं को लेकर विशेष सतर्कता बरतने को भी कहा।
बैठक के दौरान ये रहे मौजूद
इस बैठक में जिला पंचायत राजस्व अधिकारी सतीश सिंह, पीडब्ल्यूडी के एई शैलेंद्र सिंह, पूर्ति अधिकारी ममता सिंह, बिजली विभाग के जेई सुभाष यादव, स्वास्थ्य विभाग से रौशन आरा, सिंचाई विभाग के सुशांत श्रीवास्तव, वन रेंजर राम सवारे यादव सहित बृजेश कुमार, मनोज सिंह, राजेश पासवान, पंकज यादव समेत कई विभागीय अधिकारी एवं कर्मचारी उपस्थित रहे।
निष्कर्ष
मकर संक्रांति और मौनी अमावस्या के पावन अवसर पर गंगा स्नान को लेकर प्रशासन पूरी तरह मुस्तैद दिखाई दिया। सभी विभागों को स्पष्ट जिम्मेदारियां सौंपकर श्रद्धालुओं की सुरक्षा, सुविधा और स्वच्छता को प्राथमिकता दी गई है। अधिकारियों को सतर्क रहकर समन्वय के साथ कार्य करने के निर्देश दिए गए हैं, ताकि किसी भी प्रकार की अव्यवस्था या परेशानी न हो। प्रशासन की इस सुनियोजित तैयारी से श्रद्धालुओं को सुरक्षित और सुव्यवस्थित वातावरण में गंगा स्नान का अवसर मिलने की उम्मीद है।


















