बृजनंदनी ग्रुप ऑफ स्कूल्स में छठ महापर्व भव्य आयोजन, श्रद्धा और उल्लास के साथ मनाया गया छठ पर्व

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बृजनंदनी ग्रुप ऑफ स्कूल्स में छठ महापर्व भव्य आयोजन, श्रद्धा और उल्लास के साथ मनाया गया छठ पर्व

चंदौली : भारतीय संस्कृति के सबसे पवित्र पर्वों में से एक सूर्य उपासना का महापर्व छठ पूजा का आयोजन बृजनंदनी ग्रुप ऑफ स्कूल्स में अत्यंत श्रद्धा, भक्ति और उल्लास के साथ संपन्न हुआ। इस अवसर पर विद्यालय परिसर भक्ति-संगीत, लोकगीतों और पारंपरिक संस्कृति के मधुर सुरों से गूंज उठा। चारों ओर दीपों की जगमगाहट और रंगोली की मनमोहक सजावट ने पूरे वातावरण को दिव्यता और आध्यात्मिकता से आलोकित कर दिया।

शुद्धता, संयम और समर्पण का अद्भुत उदाहरण

छठ पर्व सूर्य उपासना और प्रकृति की आराधना का त्योहार है। यह पर्व शुद्धता, संयम और समर्पण का अद्भुत उदाहरण है, जो भारतीय लोकजीवन की आत्मा को प्रतिबिंबित करता है। भगवान भास्कर और छठ मइया की पूजा के माध्यम से भक्त परिवार के सुख, समृद्धि और संतान की मंगल कामना करते हैं।

भावविभोर हुआ पूरा परिसर

इस अवसर पर विद्यालय के विद्यार्थियों ने लोकगीत, नृत्य, नाटक और पारंपरिक झांकी प्रस्तुत की, जिसने उपस्थित सभी लोगों का मन मोह लिया। छात्राओं द्वारा प्रस्तुत छठ गीत “केलवा जे पतर पे उगेलन सूरजदेव…” पर सभी की तालियाँ गूंज उठीं। बच्चों ने छठ घाट, सूर्य अर्घ्य और पूजा के दृश्यों को जीवंत रूप में प्रस्तुत कर लोगों को भावविभोर कर दिया।

छठ महापर्व प्रकृति के प्रति आभार और संयम का संदेश

कार्यक्रम के मुख्य अतिथि एवं विद्यालय के चेयरमैन बिरजू अग्रहरि ने अपने प्रेरणादायक संबोधन में कहा “छठ महापर्व भारतीय संस्कृति का वह अनोखा पर्व है जो हमें प्रकृति के प्रति आभार, संयम और समर्पण की भावना सिखाता है। ऐसे आयोजनों से बच्चों में भारतीय परंपराओं के प्रति सम्मान और समाज से जुड़ाव की भावना विकसित होती है। बृजनंदनी ग्रुप ऑफ स्कूल्स सदैव शिक्षा के साथ संस्कारों का समावेश करने के लिए प्रतिबद्ध है।”

संस्कार और समाज सेवा की भावना ही शिक्षा का उद्देश्य

विद्यालय के प्रधानाचार्य डॉ. नरेंद्र पाल सिंह ने अपने उद्बोधन में कहा “हमारा उद्देश्य केवल शैक्षणिक ज्ञान देना नहीं, बल्कि विद्यार्थियों में संस्कार, सहअस्तित्व और समाज सेवा की भावना को प्रोत्साहित करना है। छठ जैसे पर्व धार्मिक आस्था के साथ-साथ पर्यावरण संरक्षण और सामाजिक एकता का भी सशक्त संदेश देते हैं।”

प्रसाद वितरण के साथ हुआ कार्यक्रम का समापन

पूरे कार्यक्रम के दौरान विद्यालय परिवार, अभिभावक और छात्र-छात्राएँ उत्साहपूर्वक शामिल रहे। सामूहिक आरती के समय वातावरण में “जय छठी मईया” के जयघोष गूंज उठे। इसके उपरांत प्रसाद वितरण के साथ कार्यक्रम का समापन हुआ।

ये रहे मौजूद

इस अवसर पर प्रिंस पाल, राजीव सिंह, अंजलि, रमेश गगन, नमिता श्रीवास्तव, विधु मिश्र, अजय, पी.के. सिंह, संजीव, संदीप, संध्या रानी ब्रह्म, प्रियलिका दुबे, अल्पना जायसवाल, सुषमा पांडेय सहित विद्यालय के सभी शिक्षक, कर्मचारी और अभिभावक उपस्थित रहे।

निष्कर्ष

बृजनंदनी ग्रुप ऑफ स्कूल्स में आयोजित छठ महापर्व कार्यक्रम ने यह सिद्ध कर दिया कि शिक्षा का वास्तविक उद्देश्य केवल पुस्तकीय ज्ञान तक सीमित नहीं, बल्कि संस्कार, संस्कृति और समाज से जुड़ाव की भावना का विकास भी है। इस आयोजन के माध्यम से विद्यार्थियों ने भारतीय परंपराओं की गहराई को आत्मसात किया और पर्यावरण संरक्षण, अनुशासन, आत्मसंयम तथा आस्था के महत्व को समझा। भक्ति, संगीत और संस्कृति से ओतप्रोत यह पर्व विद्यालय परिवार के लिए आध्यात्मिक प्रेरणा और सामाजिक एकता का प्रतीक बन गया।