चकिया तहसील में सम्पूर्ण समाधान दिवस आयोजित, 73 में से 3 मामलों का मौके पर निस्तारण, लापरवाह अधिकारियों पर गिरी गाज

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चकिया तहसील में सम्पूर्ण समाधान दिवस आयोजित, 73 में से 3 मामलों का मौके पर निस्तारण, लापरवाह अधिकारियों पर गिरी गाज

चंदौली : आमजन की समस्याओं के त्वरित और प्रभावी निस्तारण के लिए शनिवार को चकिया तहसील सभागार में जिलास्तरीय सम्पूर्ण समाधान दिवस का आयोजन किया गया। इस महत्वपूर्ण बैठक की अध्यक्षता जिलाधिकारी चन्द्र मोहन गर्ग एवं पुलिस अधीक्षक आदित्य लांग्हे ने संयुक्त रूप से की।

इस दौरान कुल 73 आवेदन प्राप्त हुए, जिनमें से 03 मामलों का मौके पर ही निस्तारण किया गया। शेष लंबित मामलों के संबंध में जिलाधिकारी ने संबंधित विभागीय अधिकारियों को समयबद्ध और गुणवत्तापरक निस्तारण सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि शासन की प्राथमिकता आमजन की समस्याओं का त्वरित समाधान है, इसलिए सभी अधिकारी संवेदनशीलता के साथ कार्य करें।

अधिकारियों पर गिरी गाज, कारण बताओ नोटिस के निर्देश

जिलाधिकारी चन्द्र मोहन गर्ग ने बैठक के दौरान सम्पूर्ण समाधान दिवस में बिना सूचना अनुपस्थित रहने वाले आधा दर्जन से अधिक अधिकारियों पर नाराजगी जताई। उन्होंने उप जिलाधिकारी को निर्देश दिए कि ऐसे सभी अधिकारियों को कारण बताओ नोटिस जारी किया जाए और उनसे स्पष्टीकरण मांगा जाए।

टीम भेजकर मौके पर निस्तारण का आदेश

समाधान दिवस के दौरान दर्जन भर से अधिक शिकायतों पर जिलाधिकारी ने मौके पर टीम भेजकर निस्तारण कराने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि शिकायतों पर केवल कागजी कार्रवाई न की जाए, बल्कि फील्ड में जाकर समाधान सुनिश्चित किया जाए।

भूमि विवाद, अंश निर्धारण और आपदा राहत पर विशेष जोर

जिलाधिकारी ने राजस्व विभाग की टीमों को निर्देशित किया कि गांव-गांव में कैम्प लगाकर भूमि विवाद, अंश निर्धारण, फार्मर रजिस्टर अपडेट, आपदा से हुए नुकसान का आकलन का कार्य प्राथमिकता से करें। उन्होंने कहा कि आपदा प्रभावित लोगों को शीघ्र भुगतान सुनिश्चित किया जाए। साथ ही, जिन ग्रामीणों के पास पक्का मकान नहीं है, उन्हें मुख्यमंत्री आवास योजना के तहत लाभान्वित करने के लिए सर्वे कराने के भी निर्देश दिए।

सरकारी योजनाओं के क्रियान्वयन में तेजी लाने के निर्देश

जिलाधिकारी ने खंड विकास अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए कि गांवों में सरकारी योजनाओं का अधिक से अधिक क्रियान्वयन सुनिश्चित करें। उन्होंने कहा कि कैम्प के माध्यम से ग्रामीणों को योजनाओं की जानकारी देकर उन्हें उनका पूरा लाभ दिलाया जाए।

निर्माण कार्यों की गुणवत्ता पर नजर

जिलाधिकारी ने विभिन्न विभागों में चल रहे निर्माण कार्यों पर भी सख्ती दिखाई। उन्होंने संबंधित विभागों को चेतावनी दी कि गुणवत्ता से कोई समझौता बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। जिलाधिकारी ने निर्देश दिया कि समय-समय पर गुणवत्ता की जांच की जाए और मानकों के अनुरूप काम न होने पर संबंधित ठेकेदारों पर कार्रवाई की जाए।

जनसमस्याओं के निस्तारण में संवेदनशीलता दिखाएं अधिकारी

जिलाधिकारी ने सभी अधिकारियों से अपील की कि गरीब, वंचित और पीड़ित व्यक्तियों की समस्याओं को प्राथमिकता दी जाए। उन्होंने कहा कि शासन की मंशा है कि आमजन की परेशानियों को त्वरित, पारदर्शी और गुणवत्तायुक्त तरीके से दूर किया जाए।

पैमाईश और अंश निर्धारण में देरी पर नाराजगी

पिछले तहसील दिवस में दिए गए आदेशों के बावजूद कुछ मामलों में पैमाईश और अंश निर्धारण की शिकायतें लंबित रहने पर जिलाधिकारी ने नाराजगी जताई। उन्होंने लेखपालों को तलब कर फटकार लगाई और दोबारा पैमाईश प्रक्रिया में लापरवाही न बरतने की सख्त चेतावनी दी।

बैठक में मौजूद रहे कई विभागीय अधिकारी

इस अवसर पर पीडी डीआरडीए, क्षेत्राधिकारी, अधिशासी अभियंता विद्युत, तहसीलदार, नायब तहसीलदार, थानाध्यक्ष, खंड विकास अधिकारी समेत विभिन्न विभागों के अधिकारी मौजूद रहे।