नवोदय विद्यालय में 27वीं युवा संसद का हुआ आयोजन, छात्रों ने सीखी लोकतंत्र की बारीकियां

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नवोदय विद्यालय में 27वीं युवा संसद का हुआ आयोजन, छात्रों ने सीखी लोकतंत्र की बारीकियां

चंदौली : पीएम श्री जवाहर नवोदय विद्यालय, बैराठ में गुरुवार को 27वीं युवा संसद का भव्य आयोजन किया गया। इस अवसर पर मुख्य अतिथि के रूप में सैयदराज विधायक सुशील सिंह उपस्थित रहे, जबकि विशिष्ट अतिथि के रूप में प्रधान सेवढी हुदहुदीपुर आशुतोष कुमार सिंह एवं बनवारी पाण्डेय समेत अन्य गणमान्य व्यक्तियों ने शिरकत की। विद्यालय के प्राचार्य संजय मिश्र ने सभी अतिथियों का पारंपरिक स्वागत शॉल, टीका, बुके और बैज लगाकर किया तथा उन्हें धन्यवाद ज्ञापित किया। वही कार्यक्रम की शुरुआत सरस्वती वंदना से हुई।

प्राचार्य संजय मिश्र ने अपने स्वागत भाषण में कहा कि ऐसे आयोजन छात्रों में सामाजिक जिम्मेदारी और लोकतांत्रिक समझ विकसित करने में अहम भूमिका निभाते हैं। उन्होंने बताया कि छात्रों ने संसदीय कार्यप्रणाली को प्रत्यक्ष रूप से भले ही न देखा हो, लेकिन किताबों, वीडियो और शिक्षकों के मार्गदर्शन से जो सीखा है, उसे मंच पर प्रस्तुत करेंगे।

युवा संसद की कार्यवाही स्पीकर रुद्री पाण्डेय की अध्यक्षता में प्रारंभ हुई। सबसे पहले नव नियुक्त दो मंत्रियों को शपथ दिलाई गई। इसके बाद संसदीय प्रणाली की जीवंत झलक प्रस्तुत की गई, जिसमें प्रधानमंत्री अंश गोयल, रक्षा मंत्री अनाहिता भट्टाचार्य, गृह मंत्री उदिता यादव, महासचिव दृष्टि गुप्ता, वित्त मंत्री आद्रिका कुमारी, नेता प्रतिपक्ष रानी और विपक्ष की सांसद रिया पटेल समेत कुल 55 छात्र-छात्राओं ने अपनी शानदार भूमिका निभाई।

युवा सांसदों ने विभिन्न महत्वपूर्ण मुद्दों पर गहन चर्चा की। जिसमें महिला सुरक्षा पर छात्रों ने सख्त कानूनों और सामाजिक जागरूकता की आवश्यकता पर जोर दिया। वही पेपर लीक की समस्या पर तकनीकी सुधार और कड़े नियमों की मांग की गई। साथ ही पर्यावरण संरक्षण के लिए प्लास्टिक उपयोग में कमी, वृक्षारोपण और जल संरक्षण जैसे उपाय सुझाए गए। वही विपक्ष ने “ऑपरेशन सिंदूर” सहित कई मुद्दों पर सत्ता पक्ष को कठघरे में खड़ा किया, वहीं सत्तापक्ष ने सभी सवालों के तथ्यपूर्ण और संतुलित जवाब दिए।

मुख्य अतिथि सुशील सिंह ने छात्रों के प्रदर्शन की सराहना करते हुए कहा कि ऐसे आयोजन युवाओं में नेतृत्व क्षमता और लोकतांत्रिक सोच को मजबूत करते हैं। उन्होंने भारत की महान विभूतियों को याद करते हुए अपने सार्वजनिक जीवन के अनुभव साझा किए और छात्रों को देश सेवा तथा माता-पिता की सेवा का संदेश दिया।

उप प्राचार्य शुभेंदु भट्टाचार्य ने मुख्य अतिथि, विशिष्ट अतिथियों, छात्रों, शिक्षकों एवं आयोजन समिति को धन्यवाद ज्ञापित किया। उन्होंने विशेष रूप से कार्यक्रम प्रभारी अरुण कुमार मिश्र, प्रवक्ता इतिहास एवं संयोजक के. सी. चौबे, प्रवक्ता भूगोल और अन्य सहयोगी शिक्षकों के योगदान की सराहना की। कार्यक्रम का संचालन चिन्मय मिश्र ने कुशलता से किया।

यह युवा संसद न केवल छात्रों के लिए लोकतांत्रिक मूल्यों की समझ विकसित करने का अवसर बनी, बल्कि उन्हें संसदीय कार्यप्रणाली की गहन जानकारी भी प्रदान की।