किसान दिवस पर जिलाधिकारी ने सुनी किसानों की समस्याएं, दिए त्वरित समाधान के निर्देश
चंदौली : किसान दिवस के अवसर पर कलेक्ट्रेट सभागार में जिलाधिकारी चंद्र मोहन गर्ग की अध्यक्षता में एक महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई, जिसमें जिले के किसान बड़ी संख्या में शामिल हुए। इस दौरान किसानों ने खेती से जुड़ी विभिन्न समस्याओं को सामने रखा, जिन पर अधिकारियों द्वारा गंभीरता से विचार करते हुए समाधान के निर्देश दिए गए।
बैठक में किसानों ने धान की रोपाई हेतु नहरों और माइनरों में टेल तक पानी की उपलब्धता, लो वोल्टेज और बार-बार ट्रिपिंग की समस्या, तथा समितियों पर उर्वरकों की कमी जैसे मुद्दों को प्रमुखता से उठाया। किसानों की बातों को गंभीरता से लेते हुए जिलाधिकारी ने सभी संबंधित विभागों को निर्देशित किया कि वे स्वयं मौके पर जाकर स्थलीय निरीक्षण करें और प्रत्येक समस्या का शत-प्रतिशत समाधान सुनिश्चित करें।
जिलाधिकारी ने सख्त लहजे में कहा, “किसानों को खेती के दौरान बिजली, पानी, खाद और बीज जैसी बुनियादी सुविधाओं की कोई कमी नहीं होनी चाहिए। संबंधित अधिकारी हर हाल में यह सुनिश्चित करें।”
खतरनाक बिजली आपूर्ति और अवैध उपभोग की शिकायत
किसानों ने अवगत कराया कि ककरैत रोड के पास बिजली की आपूर्ति असुरक्षित तरीके से हो रही है, जो कभी भी गंभीर दुर्घटना का कारण बन सकती है। इसके अलावा विश्व बैंक योजना के अंतर्गत स्थापित ट्यूबवेल की बिजली आपूर्ति का ग्रामीण क्षेत्रों में अवैध रूप से उपयोग किए जाने की भी शिकायत की गई। जिलाधिकारी ने विद्युत विभाग के अधिकारियों को तत्काल मौके पर जाकर उचित कार्रवाई करने के निर्देश दिए।
समितियों में उर्वरक की कमी और भ्रष्टाचार के आरोप
किसानों ने यह भी आरोप लगाया कि समितियों के सचिवों की मिलीभगत से समय पर पर्याप्त उर्वरक नहीं मिल पा रहा, जिससे धान की रोपाई प्रभावित हो रही है। साथ ही नहरों में अंतिम छोर तक पानी न पहुंचने की भी समस्या बताई गई। जिलाधिकारी ने निर्देश दिए कि संबंधित अधिकारी जल्दी से जल्दी मौके पर जाएं, वास्तविक कारणों का पता लगाएं और समस्या का निराकरण करें।
स्वास्थ्य सुविधाओं की भी उठी मांग
मानसून के दौरान जहरीले जीव-जंतुओं के काटने की घटनाओं की आशंका को देखते हुए किसानों ने सभी स्वास्थ्य केंद्रों पर रैबीज इंजेक्शन और दवाओं की उपलब्धता सुनिश्चित कराने की मांग की। इस पर मुख्य विकास अधिकारी आर. जगत साईं ने आश्वासन देते हुए कहा कि “मुख्य चिकित्सा अधिकारी से समन्वय कर सभी स्वास्थ्य केंद्रों पर आवश्यक दवाओं एवं संसाधनों की व्यवस्था कर दी गई है, किसान बिल्कुल निश्चिंत रहें।”
जिम्मेदारी तय, रिपोर्ट मांगी
जिलाधिकारी ने सभी अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए कि “प्राप्त शिकायतों का केवल खानापूर्ति न करें, बल्कि उसका ठोस समाधान निकालें। स्थलीय निरीक्षण के उपरांत किसानों से सीधा संवाद करें और अगली बैठक से पहले रिपोर्ट एवं फोटो सहित कार्यवाही से अवगत कराएं।” उन्होंने यह भी कहा कि आगामी बैठक में बिजली, पानी और उर्वरक जैसी समस्याओं की कोई शिकायत न आए, यह संबंधित विभाग सुनिश्चित करें।
उपस्थित अधिकारी एवं सहभागिता
इस अवसर पर प्रभारी उप कृषि निदेशक एवं जिला कृषि अधिकारी विनोद कुमार यादव, एआर कोऑपरेटिव, ऊर्जा, सिंचाई, सहित विभिन्न विभागों के वरिष्ठ अधिकारी और किसान बड़ी संख्या में उपस्थित रहे।


















