शराब की दुकान के विरोध में महिलाओं का हंगामा, दुकान में तोड़फोड़ के बाद सड़क जाम

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शराब की दुकान के विरोध में महिलाओं का हंगामा, दुकान में तोड़फोड़ के बाद सड़क जाम

चंदौली : सदर कोतवाली क्षेत्र के बसिला नसीरपुर चट्टी पर शराब की दुकान के आवंटन की सूचना मिलते ही स्थानीय महिलाओं में आक्रोश फैल गया। बुधवार को बड़ी संख्या में महिलाओं ने विरोध प्रदर्शन किया और देसी शराब की दुकान पर पहुंचकर जमकर तोड़फोड़ की। इसके बाद महिलाओं ने चंदौली-कैली मार्ग पर धरना दिया, जिससे सड़क पर लंबा जाम लग गया।

शराब दुकान से परेशान थीं महिलाएं

पिछले पांच वर्षों से इस क्षेत्र में देसी शराब की दुकान संचालित हो रही थी। इस दुकान के चलते शाम होते ही आसपास के आधा दर्जन गांवों के लोग शराब पीकर हंगामा करने लगते थे। स्थानीय महिलाओं के अनुसार, नशे में धुत लोग सड़क पर गाली-गलौज और मारपीट करते थे, जिससे महिलाओं का घर से बाहर निकलना मुश्किल हो गया था। इतना ही नहीं, इस मार्ग से तीन विद्यालयों के छात्र-छात्राएं भी प्रतिदिन गुजरते थे, जिन्हें भी शराबी लोगों की वजह से असुविधा होती थी।

नई शराब की दुकान खुलने से भड़का गुस्सा

हाल ही में प्रशासन ने इस स्थान पर अंग्रेजी शराब और बीयर की दुकान का आवंटन कर दिया, जिससे स्थानीय महिलाएं नाराज हो गईं। महिलाओं का कहना था कि जब पहले ही यहां देसी शराब की दुकान के कारण इतनी परेशानियां थीं, तो अब अंग्रेजी शराब और बीयर की दुकान खुलने से हालात और बिगड़ जाएंगे।

महिलाओं ने तोड़फोड़ कर शराब नष्ट की

बुधवार को गुस्साई महिलाएं एकजुट होकर शराब की दुकान पर पहुंच गईं और वहां रखी शराब की बोतलों को तोड़ दिया। दुकान में भारी तोड़फोड़ करने के बाद उन्होंने विरोध प्रदर्शन शुरू कर दिया और शराब की दुकान हटाने की मांग को लेकर चंदौली-कैली मार्ग पर धरने पर बैठ गईं। महिलाओं के विरोध के चलते सड़क के दोनों ओर वाहनों की लंबी कतारें लग गईं, जिससे यातायात बाधित हो गया।

पुलिस ने मौके पर पहुंचकर महिलाओं को समझाया

सूचना मिलते ही सदर कोतवाली पुलिस मौके पर पहुंची और महिलाओं को समझाने का प्रयास किया। काफी समझाने-बुझाने के बाद पुलिस ने महिलाओं से एसडीएम के नाम एक ज्ञापन लिया और आश्वासन दिया कि उनकी मांगों पर विचार कर कार्रवाई की जाएगी। पुलिस के आश्वासन के बाद महिलाओं ने धरना समाप्त किया और सड़क से जाम हटाया।

स्थानीय लोगों की प्रशासन से मांग

स्थानीय ग्रामीणों और महिलाओं ने प्रशासन से मांग की है कि इस क्षेत्र में शराब की किसी भी दुकान को अनुमति न दी जाए, ताकि ग्रामीणों और खासकर महिलाओं को असुविधा का सामना न करना पड़े। महिलाओं का कहना है कि यदि उनकी मांगों को नजरअंदाज किया गया, तो वे फिर से उग्र आंदोलन करने को मजबूर होंगी।