महाकुंभ में क्यों उमड़ रही भीड़? शंकराचार्य स्वामी निश्चलानंद ने बताया कारण, डबल इंजन की तारीफ

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महाकुंभ में क्यों उमड़ रही भीड़? शंकराचार्य स्वामी निश्चलानंद ने बताया कारण, डबल इंजन की तारीफ

प्रयागराज : उत्तर प्रदेश के प्रयागराज महाकुंभ मेला 2025 में लगातार श्रद्धालुओं की भीड़ पहुंच रही है. 26 फरवरी को महाशिवरात्रि के मौके पर आखिरी स्नान पर्व का आयोजन होना है. महाकुंभ मेला के समापन से पहले श्रद्धालु बड़ी संख्या में संगम नगरी पहुंचकर पवित्र त्रिवेणी में डुबकी लगाने की कोशिश करते दिख रहे हैं. महाकुंभ मेला में अब तक रिकॉर्ड 60 करोड़ 74 लाख श्रद्धालु पवित्र त्रिवेणी में आस्था की डुबकी लगा चुके हैं. देश की आबादी का लगभग आधा हिस्सा प्रयागराज पहुंचकर पवित्र संगम में डुबकी लगा चुका है. इसको लेकर कई प्रकार की चर्चा हो रही है. सबसे बड़ा सवाल यह उठ रहा है कि आखिर इतनी बड़ी आबादी संगम नगरी में कैसे पहुंच गई? महाकुंभ मेला को लेकर लगातार श्रद्धालुओं के उमड़ते जन सैलाब को लेकर पुरी के पीठाधीश्वर शंकराचार्य स्वामी निश्चलानंद सरस्वती का बड़ा बयान सामने आया है.

पुरी पीठाधीश्वर शंकराचार्य ने कहा है कि यह केंद्र और प्रदेश सरकार की प्रबल इच्छाशक्ति, वैश्विक स्तर पर प्रचार-प्रसार, यातायात की पर्याप्त सुविधा और संतों के सहयोग का सुखद परिणाम है. शंकराचार्य स्वामी निश्चलानंद सरस्वती ने कहा कि दोनों सरकारों ने महाकुंभ मेला के आयोजन में कोई कोताही नहीं बरती. महाकुंभ मेले के आयोजन में कोई उपेक्षा नहीं बरती गई. शंकराचार्य ने झूंसी स्थित शिवगंगा आश्रम में शनिवार को श्रद्धालुओं से संवाद के दौरान कहा कि देश के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ में अच्छा तालमेल है. इसका परिणाम सफल महाकुंभ का आयोजन है.

खींचतान से नुकसान

शंकराचार्य ने कहा कि अगर यही केंद्र और प्रदेश में विरोधाभासी सरकारें होती तो खींचतान की स्थिति बनी रहती. इससे आयोजन को नुकसान होता. शंकराचार्य ने खुलकर कहा कि भाजपा सनातनियों की उमड़ी भीड़ में अपना वोट बैंक देख उन्हें संभालने में जुटी रही. वहीं, समाजवादी पार्टी और कांग्रेस पहले मुसलमानों का शुभचिंतक बनी रही. बाद में जब हिंदुत्व की लहर चल पड़ी तो सपा और कांग्रेस के राजनेता भी त्रिवेणी में डुबकी लगाने से नहीं चुके.

श्रद्धालु के सवाल का जवाब

शकराचार्य ने कार्यक्रम के दौरान एक श्रद्धालु के सवाल का जवाब भी दिया. श्रद्धालु का सवाल था कि ‘हर हिंदू सेना हो, हर हिंदू सनातनी हो’ जयघोष का क्या अर्थ है? शंकराचार्य ने जवाब में कहा कि अपनी और अपने धर्म की रक्षा करने का अधिकार सभी को है. भविष्य के संकेत को देखते हुए यह बात हमने बहुत पहले से कही है. हर हिंदू को शास्त्र के साथ-साथ शस्त्र की शिक्षा में भी पारंगत होना चाहिए.

शंकराचार्य ने इसकी वजह बताते हुए कहा कि जरूरत पड़ने पर अपने अलावा 9 और व्यक्तियों की रक्षा का जिम्मा एक हिंदू को उठाना होगा. इसलिए हमें तैयार रहना चाहिए. हालांकि, शंकराचार्य ने अंत में कहा कि शस्त्र विद्या हो या शास्त्र का ज्ञान, इसका दुरुपयोग किसी भी स्थिति में नहीं होना चाहिए.