पुलिस पर फायरिंग पड़ी भारी, 25 हजार का इनामी बदमाश मुठभेड़ में गिरफ्तार, साथी भी दबोचा गया
चंदौली : जनपद में वांछित एवं शातिर अपराधियों के विरुद्ध चलाए जा रहे विशेष अभियान के तहत स्वाट/सर्विलांस टीम और थाना चकिया पुलिस ने संयुक्त कार्रवाई करते हुए इलिया थाने से 25 हजार रुपये के इनामी बदमाश को पुलिस मुठभेड़ के बाद गिरफ्तार कर लिया। मुठभेड़ में बदमाश के पैर में गोली लगी, जबकि उसका दूसरा साथी जंगल में भागने के दौरान पुलिस की कॉम्बिंग में गिरफ्तार कर लिया गया।
पुलिस अधीक्षक के निर्देशन में सोमवार को थाना चकिया क्षेत्र के गांधीनगर पुलिया के पास थानाध्यक्ष अर्जुन सिंह और स्वाट प्रभारी रामजनम यादव अपनी टीम के साथ वाहन चेकिंग कर रहे थे। इसी दौरान एक बुलेट मोटरसाइकिल पर सवार दो संदिग्ध युवक आते दिखाई दिए। पुलिस ने उन्हें रुकने का इशारा किया, लेकिन दोनों तेज रफ्तार से लतीफशाह रोड की ओर भाग निकले।
पुलिस टीम ने पीछा कर गांधीनगर-लतीफशाह मार्ग पर उन्हें रोकने का प्रयास किया। बचने के प्रयास में बदमाशों ने मोटरसाइकिल जंगल की ओर मोड़ दी, जिससे वाहन अनियंत्रित होकर गिर गया। इसी दौरान एक बदमाश ने पुलिस टीम पर तमंचे से फायरिंग कर दी। आत्मरक्षा में पुलिस द्वारा की गई जवाबी कार्रवाई में बदमाश के पैर में गोली लगी और वह घायल होकर मौके पर गिर पड़ा।
पूछताछ में घायल बदमाश की पहचान अली हसन उर्फ शेरू अंसारी पुत्र फैजुलहसन निवासी शिवरामपुर, थाना चांद, जिला कैमूर (भभुआ), बिहार के रूप में हुई। पुलिस के अनुसार वह थाना इलिया से वर्ष 2025 से वांछित चल रहा था तथा उस पर 25 हजार रुपये का इनाम घोषित था। उसका दूसरा साथी सोनू अंसारी पुत्र तस्लीम अंसारी निवासी बुढ़वाई, थाना अहरौरा, जनपद मिर्जापुर जंगल में भाग निकला, जिसे पुलिस ने घेराबंदी और कॉम्बिंग के दौरान गिरफ्तार कर लिया।
घायल बदमाश को उपचार के लिए सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र भेजा गया, जबकि घटनास्थल को सुरक्षित कर आवश्यक विधिक कार्रवाई की गई। पुलिस ने अभियुक्त के कब्जे से एक अवैध तमंचा, दो कारतूस तथा एक मोटरसाइकिल बरामद की है।
पुलिस के अनुसार गिरफ्तार अली हसन उर्फ शेरू अंसारी के विरुद्ध थाना इलिया में गोवध निवारण अधिनियम, पशु क्रूरता निवारण अधिनियम, आर्म्स एक्ट तथा भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की विभिन्न धाराओं में पहले से मुकदमे दर्ज हैं। इस पूरी कार्रवाई में थाना चकिया पुलिस एवं स्वाट/सर्विलांस टीम के अधिकारियों और जवानों की संयुक्त भूमिका रही।


















