कांवड़ यात्रा को लेकर चंदौली प्रशासन अलर्ट, मिलावटखोरी और ओवररेटिंग पर सख्ती, दुकानों पर रेट लिस्ट अनिवार्य, प्लास्टिक-थर्माकोल पर पूर्ण प्रतिबंध, शिकायत के लिए टोल फ्री नंबर जारी

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कांवड़ यात्रा को लेकर चंदौली प्रशासन अलर्ट, मिलावटखोरी और ओवररेटिंग पर सख्ती, दुकानों पर रेट लिस्ट अनिवार्य, प्लास्टिक-थर्माकोल पर पूर्ण प्रतिबंध, शिकायत के लिए टोल फ्री नंबर जारी

चंदौली : आगामी कांवड़ यात्रा को सुरक्षित, व्यवस्थित और श्रद्धालुओं के लिए सुविधाजनक बनाने के उद्देश्य से चंदौली प्रशासन ने खाद्य सुरक्षा व्यवस्था को लेकर सख्त कदम उठाए हैं। शासन एवं जिलाधिकारी चंद्र मोहन गर्ग के निर्देश पर खाद्य सुरक्षा एवं औषधि प्रशासन विभाग ने यात्रा मार्ग पर मिलावटखोरी, ओवररेटिंग और खाद्य पदार्थों की गुणवत्ता पर विशेष निगरानी शुरू कर दी है।

विभाग द्वारा कांवड़ यात्रा मार्ग पर स्थित सभी खाद्य प्रतिष्ठानों पर ‘फूड सेफ्टी कनेक्ट’ साइनेज लगाए गए हैं। इन पर उपलब्ध क्यूआर कोड और फूड सेफ्टी कनेक्ट ऐप के माध्यम से श्रद्धालु एवं उपभोक्ता खाद्य पदार्थों की गुणवत्ता से जुड़ी शिकायत या अपना फीडबैक सीधे विभाग तक पहुंचा सकेंगे।

सहायक आयुक्त (खाद्य द्वितीय) धीरेंद्र प्रताप सिंह के नेतृत्व में अधिकारियों की टीम लगातार होटल, ढाबों, मिठाई की दुकानों और अन्य खाद्य प्रतिष्ठानों का निरीक्षण कर रही है। दुकानदारों को स्पष्ट निर्देश दिए गए हैं कि वे अपनी दुकानों पर रेट लिस्ट अनिवार्य रूप से प्रदर्शित करें तथा किसी भी प्रकार की ओवररेटिंग न करें।

इसके साथ ही कांवड़ यात्रा मार्ग पर आयोजित होने वाले भंडारों में वितरित किए जाने वाले प्रसाद और भोजन की गुणवत्ता की भी जांच की जा रही है। आयोजकों को स्वच्छता के प्रति जागरूक करते हुए प्लास्टिक और थर्माकोल से बने दोना-पत्तल के उपयोग पर पूर्ण प्रतिबंध लगाने के निर्देश दिए गए हैं।

खाद्य सुरक्षा विभाग मिलावटी खाद्य पदार्थों की बिक्री और निर्माण से जुड़े संभावित स्थलों की भी निगरानी कर रहा है, ताकि शिकायत मिलने पर तत्काल कार्रवाई की जा सके। खाद्य पदार्थों की गुणवत्ता संबंधी शिकायतों के लिए विभाग ने टोल फ्री नंबर 1800-180-5533 जारी किया है, जिसका व्यापक प्रचार-प्रसार भी किया जा रहा है।

सहायक आयुक्त खाद्य (द्वितीय) धीरेंद्र प्रताप सिंह ने खाद्य कारोबारियों को चेतावनी दी है कि कांवड़ यात्रा के दौरान खाद्य पदार्थों की गुणवत्ता से किसी भी प्रकार का समझौता बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। मिलावट या अन्य अनियमितता पाए जाने पर खाद्य सुरक्षा एवं मानक अधिनियम-2006 के तहत कड़ी कानूनी कार्रवाई की जाएगी।