चंदौली में पुलिसकर्मियों पर गिरी गाज, लापरवाही पर 2 थाना प्रभारियों समेत 6 के खिलाफ जांच

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चंदौली में पुलिसकर्मियों पर गिरी गाज, लापरवाही पर 2 थाना प्रभारियों समेत 6 के खिलाफ जांच

चंदौली : जनपद में अपराध नियंत्रण और प्रभावी पुलिसिंग को लेकर पुलिस अधीक्षक आकाश पटेल ने बड़ी कार्रवाई करते हुए विवेचनाओं एवं प्रशासनिक कार्यों में लापरवाही बरतने वाले पुलिस अधिकारियों और कर्मचारियों के खिलाफ कड़ा रुख अपनाया है। समीक्षा के दौरान गंभीर अनियमितताएं मिलने पर दो थाना प्रभारियों, तीन विवेचकों और एक हेड कांस्टेबल के विरुद्ध प्रारंभिक एवं विभागीय जांच के आदेश दिए गए हैं।

पुलिस अधीक्षक द्वारा कराई गई समीक्षा में सामने आया कि कई गंभीर मुकदमों की विवेचना निर्धारित समय सीमा 60 एवं 90 दिनों के भीतर पूरी नहीं की गई। साथ ही गो-तस्करी और गोवध से जुड़े मामलों में अपेक्षित कार्रवाई भी नहीं हुई। अपर पुलिस अधीक्षक, क्षेत्राधिकारी सदर और क्षेत्राधिकारी पीडीडीयू नगर की रिपोर्ट के आधार पर यह कार्रवाई की गई।

थाना कन्दवा में गोवध निवारण अधिनियम और अन्य गंभीर मामलों में गैंगस्टर एक्ट की कार्रवाई के लिए आवश्यक पत्रावली समय से तैयार न करने पर थानाध्यक्ष राजीव मल्ल और हेड कांस्टेबल मनोज सागर के खिलाफ जांच बैठाई गई है। वहीं थाना चंदौली में तैनात निरीक्षक रामजीत यादव पर आर्म्स एक्ट, एनडीपीएस एक्ट और साइबर धोखाधड़ी के मामलों में विवेचना में शिथिलता बरतने का आरोप है।

थाना शहाबगंज के उपनिरीक्षक प्रेमचंद्र सिंह के खिलाफ नाबालिग किशोरी के अपहरण से जुड़े मुकदमे की विवेचना समय पर पूरी न करने पर जांच के आदेश दिए गए हैं। इसी प्रकार थाना अलीनगर के निरीक्षक दयाराम गौतम पर संवेदनशील मामले में साक्ष्य संकलन और आवश्यक कानूनी कार्रवाई में देरी करने का आरोप लगा है।

इसके अलावा थाना अलीनगर के प्रभारी निरीक्षक घनश्याम शुक्ल के खिलाफ भी विभागीय जांच शुरू की गई है। समीक्षा में पाया गया कि उनके कार्यकाल के दौरान गोवंश तस्करी के खिलाफ प्रभावी कार्रवाई का अभाव रहा, जबकि जनपद के अन्य थानों द्वारा लगातार अभियान चलाए गए।

पुलिस अधीक्षक आकाश पटेल ने सभी क्षेत्राधिकारियों को निर्देशित किया है कि वे अपने-अपने सर्किल के थानों में लंबित विवेचनाओं, निरोधात्मक कार्यवाहियों तथा न्यायालय संबंधी प्रकरणों की नियमित समीक्षा करें। उन्होंने स्पष्ट किया कि विवेचना में लापरवाही, शिथिलता अथवा उच्चाधिकारियों के आदेशों की अवहेलना करने वाले किसी भी अधिकारी या कर्मचारी के खिलाफ जवाबदेही तय कर सख्त विभागीय कार्रवाई की जाएगी। जनपद में अनुशासन, जवाबदेही और प्रभावी पुलिसिंग सर्वोच्च प्राथमिकता रहेगी।